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यूथ एवं ईको क्लब

हाऊस आधारित यूथ एवं ईको क्लब


अ) प्रस्तावना: यूथ एवं ईको क्लब –


(1) यूथ क्लब के तहत बच्चों में जीवन जीने का कौशल, आत्मसम्मान एवं आत्मविश्वास विकसित करने तथा तनाव, भय एवं संकोच जैसे मनोविकारों को दूर कर सोच में लचीलापन विकसित करने के उद्देश्य से प्रत्येक राजकीय विद्यालय में यूथ क्लब की स्थापना की जायेगी।


(2) ईको क्लब के तहत बच्चों को अपने आस-पास के पर्यावरण, जैव- विविधता, जलवायु, स्थानीय पारिस्थितिकी, पोषण, स्वास्थ्य, स्वच्छता के प्रति जागरूक एवं संवेदनशील बनाने तथा पर्यावरण गतिविधियों एवं प्रोजेक्ट्स पर कार्य करने के लिए क्षमता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रत्येक राजकीय विद्यालय में ईको क्लब की स्थापना की जायेगी। साथ ही कोविड-19 को ध्यान में रखते हुये विशेष रूप से विद्यार्थियों में स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता, समझ विकसित की जानी है।


ब) यूथ एवं ईको क्लब गठन की प्रक्रिया:


1. प्रत्येक विद्यालय में यूथ एवं ईको क्लब के तहत प्रारम्भिक शिक्षा (कक्षा 1 से 8) के विद्यार्थियों के लिये यूथ एवं इको क्लब के तहत पांच सदन (हाऊस) बनाये जायेंगे इनके नाम – पृथ्वी, जल, वायु, आकाश एवं अग्नि होंगे।


2 माध्यमिक शिक्षा (कक्षा 9 से 12) के लिये यूथ एवं इको क्लब के तहत पांच सदन (हाऊस) बनाये जायेंगे इनके नाम – पृथ्वी, जल, वायु, आकाश एवं अग्नि होंगे।


 3 विद्यालय संस्था प्रधान यूथ एवं इको क्लब के प्रभारी अधिकारी होंगे।


4 संस्था प्रधान (प्रभारी अधिकारी) की भूमिका सहायक, मार्गदर्शक एवं कार्यक्रम के लिये सुविधा उपलब्ध कराने की होगी। विद्यालय में हाऊस व्यवस्था के तहत यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों को संचालित करने की समस्त जिम्मेदारी संस्था प्रधान की होगी।


5 संस्था प्रधान द्वारा विद्यालय के प्रत्येक शिक्षक को सदन (हाऊस) का प्रभार दिया जायेगा। विद्यालय में शिक्षकों की संख्या सदन (हाऊस) की संख्या से अधिक होने की स्थिति में कुछ सदनों के लिये एक से अधिक प्रभारी शिक्षक बनाये जायेंगे। विद्यालय में सदन (हाऊस) से कम शिक्षक उपलब्ध होने की स्थिति में कुछ शिक्षकों को एक से अधिक सदन (हाऊस) का प्रभारी शिक्षक नियुक्त किया जायेगा। वरिष्ठता के आधार पर वरिष्ठ शैक्षिक कार्मिक को अपेक्षाकृत अधिक सदन (हाऊस) का प्रभार दिया जायेगा।


6 प्रारम्भिक शिक्षा कीप्रत्येक कक्षा के विद्यार्थियों को पांच भागों में विभाजित कर प्रत्येक भाग के विद्यार्थी को एक सदन (हाऊस) के नाम से सम्बोधित किया जायेगा। इस प्रकार प्रारम्भिक शिक्षा की कक्षाओं के पांचों सदनों में सभी कक्षाओं के विद्यार्थियों का समान संख्या में प्रतिनिधित्व हो सकेगा इसी प्रक्रिया के तहत माध्यमिक शिक्षा की कक्षाओं के लिये पांच सदन बनाये जायेंगे।


7. इस प्रकार प्रारम्भिक शिक्षा विद्यालयों में यूथ एवं इको क्लब के तहत पांच सदन ( हाऊस) कार्य करेंगे एवं माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में यूथ एवं इको क्लब के तहत उन्ही नाम से पांच सदन (हाऊस) कार्य करेंगे।


विद्यालय में नव प्रवेशित विद्यार्थी जिस सदन (हाऊस) का सदस्य बनेगा विद्यालय की अन्तिम कक्षा तक उसी सदन (हाऊस) का सदस्य रहेगा।


9 प्रत्येक सदन (हाऊस) की गतिविधियों को प्रभावी शिक्षक/ शिक्षकों द्वारा संचालित करवाया जायेगा। प्रत्येक सदन (हाऊस) में सभी विद्यार्थियों का स्तर समान होगा। विद्यार्थियों में वरिष्ठ एवं कनिष्ठ जैसी व्यवस्था को विकसित नहीं करना है। सदन (हाऊस) की गतिविधियों को संचालित करने में विद्यार्थियों का सक्रिय सहयोग लिया जायेगा। अच्छा प्रदर्शन करने के लिये बच्चों को प्रोत्साहित किया जायेगा एवं प्रत्येक बच्चे को समान रूप से अवसर प्रदान किया जायेगा।


10 विद्यालय समय पश्चात रोटेशन के आधार पर एक अध्यापक / शारीरिक शिक्षक प्रभारी के रूप में विद्यालय समय पश्चात बच्चों के साथ खेल मैदान में उपस्थित रहकर विद्यालय के खेल मैदान, खेल संसाधन इत्यादि का उपयोग करेंगे।


11. पांच मूल तत्व आधारित नामों में से जिस नाम तत्व से सम्बन्धित सदन (हाऊस) में विद्यार्थियों को प्रवेश मिला है, उस सदन (हाऊस) के नाम के अनुरूप विषय पर विद्यार्थियों के लिये भाषण, निबन्ध लेखन, पत्र लेखन, पोस्टर बनवाना, साहित्यिक एवं सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित करवायी जायें। साथ ही भाषा, सामाजिक विज्ञान के विषय यथा भूगोल, इतिहास, अर्थशास्त्र, राजनीति विज्ञान तथा विज्ञान संकाय के विषयों यथा जीव विज्ञान, भौतिक शास्त्र, रसायन शास्त्र, गणित तथा खगोल विज्ञान (एस्ट्रोनोमी) आदि को सदन (हाऊस) के नाम से साथ जोड़ते हुए विषय एवं प्राकृतिक मूल तत्व की महत्वता एवं सम्बद्धता को समझाने का उपक्रम विद्यार्थियों से करवायें।


12. सदस्य विद्यार्थीगणों को उनके स्वयं के नाम के अर्थ को समझाते हुए उसे अपने सदन (हाऊस) के नाम के परिप्रेक्ष्य में सम्बद्ध करने के प्रयास के लिये प्रेरित किया जायेगा साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी को सदन (हाऊस) के नाम की महत्वता बतलाते हुए इस नाम की अन्य विषयों से सम्बद्धता को इन्टरनेट, पत्र-पत्रिकाओं इत्यादि स्त्रोतों से विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिये प्रेरित किया जायेगा। इससे बच्चों के ज्ञान में वृद्धि होगी तथा वे अपने सदन के नाम को समग्र रूप से समझ सकेंगे एवं अन्य विषयों से सम्बद्ध कर सकेंगे।


13 प्रत्येक सदन (हाऊस) में यूथ एवं ईको क्लब की समस्त गतिविधियां आयोजित की जायेंगी। यह गतिविधियां प्रभारी शिक्षक/शिक्षकों के निर्देशन में संचालित की जायेगी। 
14. समस्त विद्यार्थियों को यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों में भाग लेने हेतु प्रोत्साहित किया जायेगा।


15 समय-समय पर प्रारम्भिक शिक्षा के विद्यार्थियों के पांचों सदन (हाऊस) के मध्य यूथ एवं इको क्लब की गतिविधियों की प्रतियोगिता आयोजित की जायेगी एवं विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिये पुरस्कृत किया जायेगा। इसी प्रकार की प्रतियोगिताएं माध्यमिक शिक्षा के विद्यार्थियों के पांचों सदनों के मध्य आयोजित की जायेंगी।


16 यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों का आयोजन शिविरा कलैण्डर अनुसार निर्धारित दिवसों एव विद्यालय समय पश्चात् तथा अवकाशों के दौरान किया जायेगा ।


 17. यूथ एवं इको क्लब की गतिविधियों में अच्छा प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों से बाल सभा के दौरान गतिविधि का प्रदर्शन कराया जायेगा।


18 विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर में विद्यार्थी के नाम के सम्मुख उसके सदन (हाऊस) का नाम भी अंकित किया जाये ताकि विद्यार्थी को सदन (हाऊस) के नाम से भी पहचाना जाये।


19. विद्यालय की प्रारम्भिक शिक्षा एवं माध्यमिक शिक्षा के प्रत्येक सदन (हाऊस) का रजिस्टर संधारित किया जायेगा। रजिस्टर के मुख्य पृष्ठ पर यूथ एवं ईको क्लब तथा सदन (हाऊस) का नाम अंकित होगा।


रजिस्टर में सदन (हाऊस) के विद्यार्थियों के नाम व कक्षा अंकित होगी। साथ ही प्रत्येक विद्यार्थी की रूचि की गतिविधि अंकित की जायेंगी। आयोजित की गई प्रत्येक गतिविधि का संक्षिप्त विवरण एवं दिनांक तथा आयोजन की समयावधि अंकित कर नोडल अधिकारी व संस्था प्रधान द्वारा प्रमाणित किया जायेगा। रजिस्टर में गतिविधि में व्यय राशि का विवरण संधारित किया जायेगा।


20 विद्यालय अवलोकन के समय संस्थाप्रधान द्वारा अवलोकन अधिकारी को समस्त “यूथ एवं ईको क्लब रजिस्टर” का अवलोकन करवाया जाकर हस्ताक्षर प्राप्त किये जायेंगे।
नोट:- संलग्न प्रारूप के अनुसार प्रत्येक विद्यालय के मुख्यद्वार पर 4 फीट x2.5फीट का स्थायी बोर्ड लगाया जायेगा। बोर्ड पर हल्का हरा रंग किया जाकर पीले रंग से “यूथ एवं ईको क्लब, समग्र शिक्षा राजस्थान” अंकित किया जायेगा।


स) गतिविधियाँ:


यूथ क्लब गतिविधियाँ:


यूथ क्लब गतिविधियों में समस्त खेल व शारीरिक गतिविधियाँ, योग, ड्रामा, वाद-विवाद, संगीत, कला एवं सांस्कृतिक गतिविधियाँ एवं रीडिंग गतिविधियाँ इत्यादि शामिल है।


ईको क्लब गतिविधियाँ:


ईको क्लब में पर्यावरण, जैवविविधता, जलवायु, स्थानीय पारिस्थितिकी, पोषण, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता के प्रति बच्चों में जागरूकता लाने वाले कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे। प्रदर्शनी, पेंटिंग, लेखन, वृक्षारोपण, पर्यावरण एवं स्वास्थ्य पर आधारित चल-चित्रों का प्रदर्शन, अभिभावकों व सेवानिवृत्त एवं सेवारत राजकीय अधिकारी, शिक्षक, डॉक्टर, कोच, पर्यावरण के लिए कार्य करने वाले व्यक्तियों की वार्ता का आयोजन किया जायेगा।


सभी बच्चों के स्वास्थ्य की जाँच में सहयोग प्रदान किया जायेगा। इसके अन्तर्गत सभी बच्चों की लम्बाई, वजन एवं शारीरिक बीमारी का रिकॉर्ड ‘विद्यार्थी उपस्थिति रजिस्टर में संधारित किया जायेगा। विद्यालय में आयोजित सभी प्रकार के स्वास्थ्य कार्यक्रमों में सहयोग प्रदान किया जायेगा।
प्रत्येक माह के अंतिम दिवस को विद्यालय में “स्वच्छता कार्यक्रम आयोजित किया जायेगा । जिसमें विद्यालय परिसर एवं कक्षा-कक्षों की साफ-सफाई. ठोस कचरा निस्तारण, जल निकास एवं पानी की टंकियों की साफ-सफाई, सामूहिक रूप से शिक्षकों के निर्देशन में की जायेगी। सप्ताह में एक बार प्रार्थना स्थल पर सभी बच्चों की शारीरिक स्वच्छता जैसे कि- नाखून, स्नान, सिर के बालों, दाँतों, यूनिफॉर्म, जूते-मोजों इत्यादि की साफ सफाई की जाँच की जायेगी एवं बच्चों को शारीरिक स्वच्छता के प्रति जागरूक किया जायेगा। जल संरक्षण से संबंधित गतिविधियाँ आयोजित की जाकर अपने आस-पास के लोगों को जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जायेगा जल संरक्षण के प्रति आयोजित होने वाले “जल शक्ति अभियान” अन्तर्गत सभी विद्यालयों के ईको क्लब द्वारा जल संरक्षण के प्रचार-प्रसार के आयोजन किये जायेंगे। विद्यार्थियों में सृजनात्मक क्षमताओं को पहचानने एवं उन्हें प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से विद्यालय के अनुपयोगी, निष्क्रिय व अन्य संसाधनों का अधिकाधिक उपयोग किया जाकर उनकी सृजनात्मक क्षमताओं को विकसित किया जाये।


विद्यार्थियों में सहशैक्षिक व मनोरंजक गतिविधियों का बढ़ावा देने के लिये विद्यालय के अनुपयोगी, निष्क्रिय सामानों का विद्यालय समय पश्चात व अवकाश दिवसों में भी विद्यालय के खेल मैदान, खेल उपकरण व अन्य गतिविधियों में उपयोग में लिया जा सकता है. जिससे बच्चों में सृजनात्मक एवं संज्ञानात्मक समझ का विकास हो सके। विद्यार्थियों को सड़क पर पैदल एवं वाहन चलाने के नियमों की जानकारी दी जायेगी।


विशेष –
• विद्यार्थियों में कोविड-19 के प्रति समझ (अवेयनेस) बढ़ाने एवं स्वच्छता के प्रति जागरूक करने का कार्य शिक्षकों द्वारा किया जायेगा।
. विद्यार्थियों एवं विद्यालय के समस्त स्टॉफ द्वारा भारत, राज्य एवं स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों की अक्षरशः पालना करना आवश्यक होगा।


द) वित्तीय व्यय हेतु निर्देश:


1 विद्यालय को यूथ एवं ईको क्लब राशि का उपयोग यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों के आयोजन में करना है। 


2. विद्यालय, सीआरसी एवं ब्लॉक स्तर पर आयोजित होने वली समस्त खेल व शारीरिक गतिविधियाँ, योग, ड्रामा, वाद-विवाद, संगीत, कला संबंधी गतिविधियाँ एवं रीडिंग गतिविधियों के आयोजन में इस राशि का उपयोग किया जायेगा । 


3 यूथ एवं ईको क्लब की गतिविधियों के दौरान बच्चों के लिए स्वल्पाहार, यात्रा किराया एवं समस्त आवर्ती खर्चों हेतु इस राशि का उपयोग किया जायेगा ।

4 यूथ एवं ईको क्लब गतिविधियों में निर्धारित बजट सीमा से अधिक राशि का व्यय नही किया जाये।


5. यूथ एवं ईको क्लब की राशि का उपयोग अन्य किसी कार्य में नही किया जायेगा ।


 6. यूथ एवं ईको क्लब की प्राप्त राशि एवं व्यय की गई राशि का इन्द्राज रोकड़ बही में किया जावे एवं बिल वाउचर संधारित किये जायेंगे।

 
7. गतिविधियों उपलब्ध कराये गये सत्र 2020-21 में उपयोग किया जाकर निर्धारित समयावधि में उपयोगिता प्रमाण पत्र ब्लॉक कार्यालय को प्रेषित किया जाना सुनिश्चित किया जाये।


৪ राशि का उपयोग गतिविधि व एमएचआरडी के दिशा निर्देशानुसार एवं वित्तीय नियमों की पूर्ण पालना करते हुये विहित प्रक्रियानुसार किया जाना सुनिश्चित करें।


9 क्रय की जाने वाली सामग्री में राजस्थान लोक उपापन में पारदर्शिता अधिनियम 2012 एवं नियम 2013″ की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जावें।
विशेष कोविड-19 को ध्यान में रखते हुये भारत सरकर, राज्य सरकार एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी दिशा निर्देशों की पालना अक्षरश की जानी है।
. राज्य सरकार के निर्देशों की पालना में विद्यालय खोले जाने के पश्चात कोविड-19 के निर्देशों की पालना करते हुये गतिविधि का आयोजन किया जाना है।

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