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Activity Based Learning (ABL) Room

गतिविधि आधारित अधिगम कक्ष Activity Based Learning (ABL) Room

गतिविधि आधारित अधिगम (Activity Based Learning) कार्यक्रम एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसमें गतिविधियों के माध्यम से बच्चों का सीखना सुनिश्चित किया जाता है। इस प्रक्रिया की मुख्य आधारभूत मान्यता यह है कि-प्रत्येक बच्चा महत्वपूर्ण है। प्रत्येक बच्चे के सीखने की अपनी गति होती है एवं अपना स्तर होता है। बच्चे के साथ उसकी गति और उसके स्तरानुसार गतिविधियों के माध्यम से सीखने-सिखाने की प्रक्रिया की जाए तो बच्चे का सीखना सुनिश्चित होगा।

गतिविधि आधारित अधिगम के लिये विद्यालयों में कक्षा 1 व 2 लिये एबीएल कक्ष का विकास राजस्थान स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर द्वारा प्राप्त वित्तीय प्रावधानों के अनुसार विद्यालय प्रबंधन समिति द्वारा अनुदान/स्थानीय जनसहयोग से प्राप्त राशि से निम्नानुसार करवाया जा सकता है

बच्चों के श्यामपट्ट ( Activity Based Learning (ABL) Room)– विद्यालय में तैयार किया जाने वाला कक्षा कक्ष 16X20 की साईज का अथवा विद्यालय का सबसे बडा कक्ष होना चाहिए । कक्षा कक्ष के अन्दर की दीवारों पर फर्श से 3 फुट तक सीमेन्ट प्लास्टर कर श्यामपट्ट तैयार किया जाना है। दीवार पर बने श्यामपट्ट के एक-एक फुट के भाग किये जाने चाहिए।

अंग्रेजी व हिन्दी की वर्णमाला पट्टी :- कक्षा कक्ष की दीवारों पर बनाये गये श्यामपट्ट के ऊपर 6 इंच चौडाई की पेन्ट द्वारा एक पट्टी तैयार की जायेगी, जिस पर हिन्दी व अंग्रेजी वर्णमाला के वर्ण / अक्षर तथा उनसे शुरू होने वाले शब्दों के चित्र भी बनाये जाने है ।

कथा चित्र का चित्रण :- कक्षा कक्ष की दीवारों पर कथा चित्र प्राथमिकता से बनाये जाने है। कथाचित्र बनाये जाने का उद्देश्य इन पर चर्चा कर बच्चों की कल्पना शक्ति को विकसित करना है एक कक्ष में कम से कम चार कथाचित्र बनाये जा सकते है।

बिन्दुपट्ट :- उपर्युक्त श्यामपट्ट में 3-3 इंच की दूरी पर बिन्दु के निशान बनाये जाने है इन बिन्दुओं को जोड़ते हुए विभिन्न आकृतियाँ बना सकेगे। इस प्रकार के बिन्दुओं को जोडते हुए लाईन अंकित कर बच्चों को एक लाईन में वर्णमाला लिखने का अभ्यास कार्य करवाया जा सकता है।

गिनती पहाड़े का चार्ट :- कक्षा कक्ष की दीवारों पर गिनती व पहाड़े का ग्रिडनुमा चार्ट बनाया जा सकता है, जिससे गिनती के साथ चित्र बनाकर गिनती की अवधारणा को समझाया जा सकता हैं

आकृतियों के नाम व चित्र :- विभिन्न प्रकार की सरल एवं ठोस ज्यामितीय आकृतियाँ जैसे लाईन, वृत, त्रिभुज, चतुर्भुज, वर्ग, आयत, अर्द्धचन्द्राकार, घन, घनाभ, बेलन, गोला आदि से परिचय करवाने हेतु दीवार पर उनका चित्र बनाया जाना है। चित्र के साथ उनका नाम व नाप भी दिया जा सकता है।

रंगों के नाम व चित्र :- विभिन्न रंगों का परिचय कराने हेतु किसी एक आकार की विभिन्न रंगों से चित्रित करते हुए मय नाम के दीवार पर चार्ट के रूप में बनाया जा सकता है।

महीनों एवं सप्ताह के दिनों के नाम :- वर्ष के 12 महीनों के नाम व सप्ताह के दिनों के नामों को चार्ट के रूप में बनाया जा सकता है महीने के नामों को गोल आकृति में बनाकर मौसम का भी चित्रण किया जा सकता है। इस प्रकार सप्ताह के दिनों को भी मिड डे मील के खाने के साथ अंकित कर समझाया जा सकता है।

गतिविधि आधारित शिक्षण सुनिश्चित करने के लिये उपयोग में ली जाने वाली सामग्री- कक्षा 1 व 2 में बच्चे स्वयं गतिविधि करते हुए सक्रिय अधिगम कर सके इस हेतु शिक्षक को उपलब्ध कराई जा रही शिक्षक सहायक सामग्री (टीएलएम), शिक्षकों को दी जाने वाली टीएलएम राशि / एसएमसी द्वारा प्राप्त अनुदान/स्थानीय जन सहयोग से राशि जुटाकर योजनाबद्ध तरीके से आवश्यक शिक्षण सामग्री का निर्माण/क्रय किया जाना है। गतिविधि आधारित शिक्षण हेतु सामग्री निम्नानुसार हो सकती है-

  1. चार्ट
  2. फ्लेश कार्ड
  3. वाक्य कार्ड
  4. अंक व शब्द कार्ड
  5. चयनित व नियोजित खेल गतिविधियों आधारित सामग्री
  6. अंक व शब्द आधारित साँप-सीढ़ी चार्ट
  7. अन्य प्रशिक्षण/शिक्षण मासिक बैठक में लिए गए निर्णय अनुसार नियोजित सामग्री
  8. शिक्षक/विद्यार्थी किट

विद्यालयों में दीवारों पर बनाये गये नक्शे/चार्ट/चित्र/ टेन्स -चार्ट इत्यादि से संबंधित क्विज/प्रश्नोतरी आदि का आयोजन समय-समय पर किया जावें। जिससे विद्यालय में उपलब्ध सामग्री के बारे मे बच्चों में समझ विकसित हो सके।