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सीसीई हेतु विद्यालय में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री

 सीसीई हेतु विद्यालय में प्रयुक्त की जाने वाली सामग्री

अध्यापक योजना प्रारूप/डायरी-

  • सत्र में एक शिक्षक के लिए एक अध्यापक योजना डायरी के संधारण का प्रावधान रखा गया है ।
  • सीखने सिखाने की प्रक्रिया को सुगम एवं गुणवत्ता पूर्ण बनाने के लिए योजना की आवश्यकता होती है। अतः योजना में बच्चों के समूहों/उपसमूहों एवं व्यक्तिगत आवश्यकता के अनुरूप अधिगम उद्देश्यों का निर्धारण, समग्रता के साथ शिक्षण गतिविधियों एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध सामग्री आदि का उल्लेख किया जाएगा।
  • शिक्षण अधिगम के सापेक्ष सीखने की प्रगति को टर्म के दौरान आकलन सूचकों के सापेक्ष दर्ज करना अनिवार्य है। यह सतत् आकलन ही बच्चों का रचनात्मक आकलन होगा।
  • अध्यापक योजना डायरी में प्रस्तावित गतिविधियाँ, आकलन योजना समीक्षा एवं अनुभव से प्राप्त परिणामों को सृजनात्मक आकलन के रूप में पृथक से पोर्टल पर उपलब्ध विषयवार टर्मवार “आकलन सूचक अंकन पुस्तिका (चैकलिस्ट) में दर्ज किया जाएगा ।
  • अध्यापक योजना प्रारूप/डायरी में उल्लेखित समूह-1 से तात्पर्य ‘कक्षा के लिए निर्धारित पाठ्यक्रम के अध्ययन हेतु आवश्यक योग्यता/दक्षता से है जबकि समूह-2 से तात्पर्य अपेक्षित स्तर से न्यून होना है। तदनुरूप ही शिक्षण आकलन योजना का निर्माण एवं संधारण करते हुए तदनुरूप कार्य किया जाना है। साथ ही समूह-1 के लिए क्षमता संवर्धन की योजना का निर्माण कर कार्य किया जाना है ।
  • प्रत्येक टर्म के दौरान शिक्षण हेतु प्रत्येक माह में दो योजनाएं तैयार की जानी है जिनकी अवधि 01 से 15 व 16 से माह के अन्तिम दिवस (28/30/31) तक होगी।

विषयवार, कक्षावार टर्मवार पाठ्यक्रम विभाजन पुस्तिका :

यह पुस्तिका पाठ्यक्रम, सीखने के प्रतिफल (Learning Outcomes) एवं पाठ्यपुस्तकों पर आधारित है, जिसमें विषयवार, कक्षा 1 से 5 का पाठ्यक्रम विभाजन कक्षावार एवं टर्मवार किया गया है।

इसमें वार पाठक्रमणीय उदेद को विभाजित किया गया है ताकि निर्धारित समयावधि में समुचित अधिगम गतिविधियों का आयोजन किया जा सके। इस पुस्तिका में शिक्षकों के कार्यों को सरल एवं समयबद्ध करने हेतु मार्गदर्शन प्रदान किया गया है।

प्राथमिक स्तर के विषय की अवधारणाओं /दक्षताओं/ कोशलों को अधिगम क्षेत्रवार, कक्षावार एवं टर्मवार संगठित तथा सुव्यवस्थित किया गया है। यह पुस्तिका बालक के उत्तरोत्तर शैक्षिक विकास हेतु शिक्षकों द्वारा किये जाने वाले शिक्षण नियोजन (पाक्षिक योजना) में मदद के लिए तैयार की गई है।

विषयवार, टर्मवार ‘आकलन सूचक अंकन पुस्तिका (चैकलिस्ट):

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन हेतु इस पुस्तिका में विद्यार्थियों की अधिगम क्षेत्रों के सापेक्ष रचनात्मक (कक्षा-कक्षीय प्रक्रिया के दौरान) आकलन एवं टर्मवार योगात्मक आकलन दर्ज किया जाना है।

इस पुस्तिका में कक्षा-कक्षीय प्रक्रिया के दौरान ही अध्ययन करवाये गए अधिगम क्षेत्रों के सापेक्ष सतत् दर्ज किया जाना है। यह पुस्तिका शिक्षक द्वारा वर्ष पर्यन्त विद्यार्थियों के साथ किये गए कार्यों की प्रगति का आईना है ।

इस पुस्तिका के प्रथम पृष्ठ पर प्रत्येक कक्षा में नामांकित विद्यार्थियों में से समूह एक (कक्षा स्तर के अनुरूप दक्षता) व समूह दो (कक्षा स्तर से न्यून दक्षता) वाले विद्यार्थियों के अनुक्रमांक (Roll number) लिखे जाने है।

रचनात्मक / योगात्मक आकलन की चैकलिस्ट में विद्यार्थियों के अनुक्रमांक 1-25 तक अंकित हैं। नामांकन 25 से अधिक होने की स्थिति में चैकलिस्ट का अतिरिक्त पृष्ठ उपयोग लिया जाए।

रचनात्मक चैकलिस्ट में प्रत्येक विद्यार्थी का प्रत्येक अधिगम क्षेत्र के सूचकों के सापेक्ष टर्म के अन्तर्गत शिक्षण प्रक्रिया के दौरान विद्यार्थी की उपलब्धि को दर्ज किया जाना है ।

योगात्मक आकलन की ग्रेड निर्धारण के टूल्स (उपकरण) :- पोर्टफोलियों में संधारित कार्य- पत्रक, पेपर-पेंसिल टेस्ट, विद्यार्थी के द्वारा किये गए कार्य के उत्कृष्ट नमूने तथा कक्षाकार्य, गृहकार्य, अध्यापक योजना प्रारूप/डायरी की समीक्षा, रचनात्मक आकलन की चैकलिस्ट एवं रचनात्मक व योगात्मक आकलन प्रपत्र पर की गई गुणात्मक व सकारात्मक टिप्पणी, शिक्षक-अभिभावक संवाद शिक्षक-शिक्षक संवाद इत्यादि ।

प्रत्येक टर्भवार अधिगम कौशलों के सापेक्ष दर्ज योगात्मक आकलन की ग्रेड को समेकित करते हुए अधिगम क्षेत्रवार ‘वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका’ में दर्ज किया जाना है ।

इस पुस्तिका में दिये गए आकलन (SA) चैकलिस्ट को सत्रान्त पर वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका’ के साथ फाईल कर विद्यालय अभिलेख के रूप में सुरक्षित रखा जाना है एवं शिविरा पंचाग के निर्देशानुसार शाला दर्पण पोर्टल पर ऑनलाइन किया जाना है।

प्रत्येक टर्म के पश्चात् बच्चे का योगात्मक आकलन किया जाना है। इस योगात्मक आकलन के आधार पर आगामी टर्म के लिए पदस्थापन भी किया जाना है । प्रत्येक टर्म की अवधि शिविरा पंचाग के अनुसार निर्धारित है, उसी के अनुरूप कार्ययोजना तैयार की जानी है।

पदस्थापन, रचनात्मक एवं योगात्मक आकलन / मूल्यांकन संबंधी निर्णय की पुष्टि के लिए साक्ष्य के रूप में लिखित एवं मौखिक आकलन / मूल्यांकन किया जाना है। आकलन के समस्त पत्रक संबंधित विद्यार्थियों के पोर्टफोलियों में साक्ष्य के रूप में संधारित करे।

सतत् एवं व्यापक आकलन / मूल्यांकन में बच्चों की शैक्षिक उपलब्धि को तीन ग्रेड्स (A, B, C) के द्वारा दर्ज किया जाना है, जिनकी व्याख्या निम्नानुसार होगी:
A = स्वतन्त्र रूप से कार्य कर पाना या अपेक्षित स्तर की समझ / दक्षता होना।
B = शिक्षक की सहायता से कार्य कर पाना या मध्यम स्तर की समझ / दक्षता होना।
C= शिक्षक की विशेष सहायता से कार्य कर पाना या आरम्भिक स्तर की समझ /दक्षता होना।

सीखने-सिखाने में तीन स्तर की ही भूमिका रहती हैं कुछ बच्चे तीव्रता से स्वतंत्र रूप से काम करने की ओर बढ़ते है तथा कुछ बच्चों को थोड़ा समय लगता है एवं कुछ बच्चे ऐसे होते है जिनको प्रारम्भ से ही शिक्षकों की अधिक मदद की आवश्यकता रहती है। इस विचार को समझा जाए और इसकी प्रक्रिया पर विश्वास किया जाए तो प्रत्येक बच्चे का सीखना सुनिश्चित किया जा सकता है ।

शिक्षण अधिगम सामग्री

बाल केंद्रित शिक्षण एवं सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतर्गत यह आवश्यक है कि प्रत्येक विद्यार्थी को उसके अधिगम स्तर के अनुरूप अध्ययन एवं अभ्यास के अवसर मिलें।

एक ही समय में अलग-अलग अधिगम स्तर के विद्यार्थियों के साथ कार्य करने के लिए आवश्यक है कि शिक्षक पर्याप्त शिक्षण अधिगम का निर्माण करे।

कक्षा 1 से 5 तक अध्यापन करा रहे शिक्षको के लिए आवश्यक है कि बाल केंद्रित शिक्षण एवं सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया के अंतर्गत अध्यापन योजना बनाते समय विभाग द्वारा उपलब्ध करवाई गई वर्कबुक्स के प्रयोग को शिक्षण योजना का हिस्सा बनाए।

पोर्टफोलियो :-

सतत् एवं व्यापक मूल्यांकन के लिए शिक्षकों के पास विद्यार्थियों का आकलन करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य होने चाहिये। इसके लिए विद्यार्थियों के द्वारा किए गए कार्यों को संकलित करना आवश्यक है।

विद्यार्थियों द्वारा किए गये कार्यो को साक्ष्य के रूप में संधारित करने के लिए विद्यार्थीवार एक फाईल बनाई जाती है। इसी को पोर्टफोलियो कहते है। यह विद्यार्थी की सृजनात्मकता, मौलिकता एवं शैक्षिक प्रगति का आईना है।

एक निश्चित अवधि में विद्यार्थी की दैनिक/ साप्ताहिक / पाक्षिक (उत्तरोत्तर) अधिगम उपलब्धि के संचयी साक्ष्य के रूप में विद्यालय के प्रत्येक कक्षा में नामांकित विद्यार्थियों के लिए विद्यार्थीवार पोर्टफोलियो फाईल संधारित की जावें।

पोर्टफोलियो फाइल में मुख्य पृष्ठ पर प्रोफाइल आवश्यक रूप से लगा हो जिस पर विद्यार्थी की विद्यालय गणवेश में आकर्षक एवं नवीनतम फोटो भी चस्पा की जाएगी । (इस कार्यालय का आदेश क्रमांक : शिविरा/प्रारं/ एसआईक्यूई/सीसीई/19568/ 2019 / 1404 दिनांक:- 14.11.2019 की पालना सुनिश्चित की जावें।)

आधार रेखा मूल्यांकन/पदस्थापन के पत्रक ( टूल्स), रचनात्मक और योगात्मक आकलन के पत्रक, कक्षा कार्य के कार्यपत्रकों को इस फाइल में संधारित किया जाना है। 9.5.6 विद्यार्थी के द्वारा किए गये कार्यो में विद्यार्थी द्वारा की गई त्रुटियों के सुधार हेतु दोहरान कार्य सुनिश्चित किया जावें।

पोर्टफोलियो में वर्षपर्यन्त विद्यार्थी के साथ किए गए रचनात्मक, योगात्मक आकलन के कार्यपत्रकों को शिक्षक द्वारा भली प्रकार जाँचते हुए अशुद्धियों को रेखांकित/ गोला करके सुधारात्मक कार्य करवाने के पश्चात सकारात्मक एवं गुणात्मक टिप्पणी के साथ दिनांक अंकित करते हुए हस्ताक्षर कर साक्ष्य के रूप में संधारित किया जावें।

विद्यार्थियों के सृजनात्मकता के साक्ष्य को भी उनके पोर्टफोलियों में संधारित किया जाना है। प्रत्येक विद्यार्थी के पोर्टफोलियो में संधारित कार्यपत्रकों को समय-समय पर अभिभावकों से साझा करते हुए पत्रकों पर अभिभावकों के हस्ताक्षर भी करवाएं जाए ।

विद्यार्थियों से कार्यपत्रक पर कार्य करवाने के बाद शिक्षक द्वारा कार्यपत्रक पर अशुद्धियों को रेखांकित/गोला करते हुए शुद्ध करवाया जाकर सकारात्मक एवं गुणात्मक टिप्पणी की जाये अमिभावक के हस्ताक्षर करवाने के लिए विद्यार्थी के साथ घर भिजवाते हुए हस्ताक्षरित पत्रक पोर्टफोलियो फाइल में संधारित करें।

वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका :-

अभिलेख पंजिका में सत्र के दौरान किए गए तीन योगात्मक आकलन (प्रत्येक टर्म अवधि के बाद) के आधार पर विद्यार्थियों की अधिगम उपलब्धियों दर्ज की जायेगी।

सत्रारम्भ में विभिन्न विषयों में विद्यार्थियों के लिए शैक्षिक स्तर का निर्धारण आधार रेखा आकलन (नवीन प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों हेतु)/पदस्थापन विगत वर्ष के अन्तिम योगात्मक आकलन (पूर्व प्रवेशित विद्यार्थियों हेतु) के आधार पर किया जाएगा ।

कला-शिक्षा, व्यक्तिगत गुण एवं अभिवृतियाँ, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा से संबंधित योगात्मक आकलन से प्राप्त स्थितियों/उपलब्धियों को सत्र में दो बार पंजिका में दर्ज किया जाएगा पहला आकलन द्वितीय योगात्मक आकलन (SA-2) के समय एवं दूसरा आकलन तृतीय योगात्मक आकलन (SA-3) के समय होगा।

 “वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका” बालक के सीखने की प्रक्रिया के समेकन के प्रमाण को एक दृष्टि में प्रस्तुत करती है।

विद्यालय में 50 तक नामांकन हेतु 1 वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका तथा 50 से अधिक नामांकन होने के स्थिति में अतिरिक्त पंजिका उपयोग में ली जाए।

वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका के प्रथम पृष्ठ पर कक्षावार विषयाध्यापकों के नाम एवं हस्ताक्षर की पूर्ति की जानी है जिसे संस्थाप्रधान द्वारा प्रमाणित किया जाना है।

प्रथम पृष्ठ पर ही विद्यालय के नामांकित विद्यार्थियों की कक्षा 1 से 5 में शैक्षिक स्तर की समेकित विषयवार स्थिति को निर्देशानुसार पदस्थापन प्रारूप में दर्ज किया जाना है ।

वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका के घटकों को निम्नानुसार समझा जा सकता है 9.6.8.1 विद्यार्थी के सम्बन्ध में विवरण यथा नाम, नामांकित कक्षा, आधार रेखा / पदस्थापन आकलन से प्राप्त कक्षा स्तर ( हिन्दी, गणित, अंग्रेजी)।

व्यक्तिगत गुण व अभिवृत्तियाँ, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, कला शिक्षा आदि के सम्बन्ध में अंकन । हिन्दी, गणित, अंग्रेजी ,पर्यावरण अध्ययन के अधिगम क्षेत्रों के सापेक्ष बच्चों के ग्रेड का अंकन ।

विद्यार्थी एवं अभिभावक टिप्पणी, बच्चे की उपस्थिति, नियमितता, आगामी कक्षा, विषयवार प्रस्तावित कक्षा स्तर ( हिन्दी, अंग्रेजी, गणित )। वार्षिक आकलन अभिलेख पंजिका में कक्षावार पाठ्यक्रम में निर्दिष्ट अधिगम क्षेत्रों के सापेक्ष आकलन को दर्ज किया जाएगा।

विभिन्न विषयों में अधिगम क्षेत्रों के सापेक्ष ग्रेड का अंकन “आकलन सूचक अंकन पुस्तिका” (चैकलिस्ट) में दी गई योगात्मक आकलन की ग्रेड के समेकन के आधार पर दर्ज होगा ।

व्यक्तिगत गुण व अभिवृत्तियों, स्वास्थ्य एवं शारीरिक शिक्षा, कला शिक्षा से संबंधित कॉलम में सूचको के सापेक्ष आकलन वर्ष में दो बार SA-2 एवं SA-3 के समय अधिगम क्षेत्रों के सापेक्ष सही ( ) का चिन्ह/ कोड (1/2/3) दर्ज किया जाएगा।

शिक्षक-अभिभावक – विद्यार्थी बैठक से सम्बन्धित टिप्पणी SA-2 एवं SA-3 के समय विद्यार्थियों की प्रगति को अभिभावकों व बच्चों से साझा करते समय दर्ज की जाएगी। नियमितता व ठहराव की टिप्पणी के साथ ही विद्यार्थी के शैक्षिक एवं व्यक्तित्व विकास के सम्बन्ध में समग्र टिप्पणी कक्षाध्यापक द्वारा अन्य विषय अध्यापकों से राय कर निर्धारित स्थान पर वर्ष के अन्त में दर्ज की जाएगी।

वर्षभर अध्ययन उपरान्त विद्यार्थियों की “आगामी नामांकित कक्षा एवं “विषयगत प्रस्तावित कक्षास्तर” को निर्धारित कॉलम में दर्ज किया जाएगा।

विद्यार्थी वार्षिक आकलन प्रतिवेदन :-

यह विद्यार्थी के सम्पूर्ण शैक्षिक सत्र की टर्मवार प्रगति को दर्शाने वाला दस्तावेज है । 9.7.2 विद्यार्थी वार्षिक आकलन प्रतिवेदन की प्रविष्टियों को विद्यालय के वार्षिक अभिलेख पंजिका में की गई प्रविष्टियों के अनुरूप ही दर्ज किया जाना है। यह विद्यार्थी का प्रगति-पत्र है, जिसमें सभी प्रविष्टियाँ दर्ज करने के बाद सत्र के अन्त में उसे दिया जाना है।