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Privilege Leave (P.L.) Rules for Chhatisgarh Government Employees

 विश्रामावकाश विभाग को छोड़कर, अन्य विभागो में सेवारत शासकीय सेवकों को अर्जित अवकाश.-

(1)(क)(एक) विश्रामावकाश विभाग को छोड़कर अन्य विभागो में सेवारत प्रत्येक शासकीय सेवक के अवकाश खाते में प्रत्येक कैलेंडर वर्ष में पहली जनवरी और पहली जुलाई को 15-15 दिनों की दो किश्तो में अग्रिम अर्जित अवकाश जमा किया जायेगा ।

(दो) यदि कोई शासकीय सेवक पूर्ण पदग्रहण काल का उपभोग किये बिना निम्न कारणों से किसी नये पद को ग्रहण करता है

(क) उसे अपने स्वत्वानुसार पूर्ण पदग्रहण काल का उपभोग किये बिना किसी नये स्थान पर नया ग्रहण करने हेतु आदेशित किया जाता है, अथवा

(ख) वह अकेले नये पदस्थापना स्थल पर जाता है और पूर्ण पदग्रहण काल का लाभ उठाये बिना पद ग्रहण करता है और बाद में परिवार के लिए यात्रा भत्ता का दावा प्रस्तुत करने हेतु मान्य अवधि के भीतर अपना परिवार ले जाता है ;

छत्तीसगढ़ सिविल सेवाएं (पदग्रहण काल) नियम 1982 के नियम 5 के उप-नियम ( 4) के अधीन, अधिकतम 15 दिनों तक के यथास्वीकार्य पदग्रहण काल के दिनों की संख्या में से वास्तविक रूप से उपभोग किये गये दिनों की संख्या कम करते हुए, अर्जित अवकाश के रूप में उसके अवकाश खाते में समाकलित किया जायेगा :

परंतु इस प्रकार जमा हेतु स्वीकृत पदग्रहण काल के उपभोग नही किये जाने सहित उसके खाते में जमा अर्जित अवकाश 300 दिनों से अधिक नहीं होगा ।

(ख) पिछली छमाही की समाप्ति पर शासकीय सेवक के खाते में जमा अवकाश को इस शर्त के अध्यधीन रहते हुए आगामी छ: माही में कैरी फारवर्ड किया जायेगा कि इस प्रकार से कैरी फारवर्ड किये गये अवकाश तथा छःमाही में जमा अवकाश का योग 300 दिनों की अधिकतम सीमा से अधिक नहीं होगा:

परंतु यह कि जहां दिसंबर एवं जून के अंतिम दिन शासकीय सेवक के खाते में जमा अर्जित अवकाश 300 दिन या उससे कम किन्तु 285 दिन (पिछली छ:माही के दौरान अर्जित अवकाश खाते में जमा पदग्रहण काल के उपभोग न किये जाने को छोड़कर ) से अधिक है तो जनवरी एवं जुलाई की पहली तिथि को जमा 15 दिन का अर्जित अवकाश खंड (ख) के अधीन उल्लेखित रीति से अवकाश लेखे में जमा करने के स्थान पर, पृथक से रखा जायेगा एवं शासकीय सेवक द्वारा उस छ:माही में लिये गये अर्जित अवकाश के विरूद्ध पहले समायोजित होगा, और यदि कोई शेष हो, तो उसे छ:माही की समाप्ति पर इस शर्त के अध्यधीन कि ऐसा अर्जित अवकाश तथा पूर्व से जमा अर्जित अवकाश का शेष 300 दिन की अधिकतम सीमा से अधिक न हो, अवकाश खाते में जमा किया जायेगा।

(2) यदि शासकीय सेवक, उस अर्ध कैलेंडर वर्ष के किसी भी शेष अंतिम दिन को अवकाश पर है तो वह उस प्रथम छ: माही पर जमा अर्जित अवकाश के लिए पात्र होगा, परंतु अवकाश स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी के पास विश्वास करने का यह कारण हो कि शासकीय इसकी समाप्ति पर कर्तव्य पर लौट आयेगा ।

(3) किसी शासकीय सेवक को एक समय में अधिकतम 180 दिन का अर्जित अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।

अर्जित अवकाश की गणना.-

(1) किसी शासकीय सेवक के अवकाश खाते में, कैलेंडर वर्ष के जिस छमाही में उसकी नियुक्ति हुई है, में की जाने वाली संभावित सेवा के लिये प्रत्येक पूर्ण कैलेंडर माह की सेवा हेतु 2% दिन की दर से अर्जित अवकाश जमा किया जायेगा ।

(2) (क) जिस छ:माही के लिए शासकीय सेवक सेवानिवृत्त होने वाला है अथवा वह सेवा से त्यागपत्र देता है, तो ऐसी सेवानिवृत्ति अथवा त्यागपत्र की तिथि तक प्रत्येक पूर्ण कैलेंडर माह हेतु 21 दिन की दर से अर्जित अवकाश जमा किया जायेगा ।

(ख) जब किसी शासकीय सेवक को सेवा से निष्कासित अथवा पदच्युत किया गया हो अथवा सेवा में रहते हुए उसकी मृत्यु हो गई हो, तो उसके अवकाश खाते में, जिस कैलेंडर माह में उसे सेवा से निष्कासित अथवा पदच्युत किया गया हो, अथवा सेवा में रहते हुये उसकी मृत्यु हो गई हो, से पिछली कैलेंडर माह की समाप्ति तक प्रत्येक पूर्ण कैलेंडर माह के लिए 2 दिन प्रतिमाह की दर से अर्जित अवकाश जमा किये जाने की अनुमति दी जायेगी ।

(3) यदि किसी छ: माही में शासकीय सेवक द्वारा असाधारण अवकाश का उपभोग गया हो तथा/या अनुपस्थिति कुछ अवधि ‘अकार्य दिवस’ की तरह मानी गयी हो, तो आगामी छ:माही के प्रारंभ पर उसके अवकाश खाते में जमा किये जाने वाले अवकाश में से, ऐसे अवकाश तथा/या अकार्य दिवस की अवधि का 1 / 10 वां भाग कम कर दिया जाएगा, किन्तु यह 15 दिन की अधिकतम सीमा के अध्यधीन होगा ।

(4) अर्जित अवकाश को खाते में जमा करते समय एक दिन के अपूर्णांक को निकटस्थ दिन में पूर्णांकित किया जायेगा अर्थात् आधे से कम अपूर्णांक को छोड़ दिया जायेगा और आधे या उससे अधिक को एक दिन संगणित किया जायेगा।

 विश्रामावकाश विभाग में सेवारत व्यक्तियों को अर्जित अवकाश-

(1) ( क) विश्रामावकाश विभाग में सेवारत व्यक्ति के अवकाश खाते में प्रत्येक वर्ष पहली जनवरी तथा पहली जुलाई को दो किश्तों में पांच – पांच दिनों का अर्जित अवकाश अग्रिम जमा किया जायेगा ।

(ख) यदि किसी छ:माही में विश्रामावकाश विभाग में सेवारत व्यक्ति द्वारा असाधारण अवकाश का उपभोग किया गया हो तथा / या अनुपस्थिति की कुछ अवधि ‘अकार्य दिवस’ की तरह मानी गयी हो, तो आगामी छःमाही के प्रारंभ पर उसके अवकाश खाते में जमा किये जाने वाले अवकाश में से ऐसे अवकाश तथा/या अकार्य दिवस की अवधि का 1/30 वां भाग कम कर दिया जायेगा, किन्तु इसकी अधिकतम सीमा 5 दिन के अध्यधीन होगी ।

(ग) विश्रामावकाश विभाग में कार्यरत व्यक्तियों की जिस छ:माही में नियुक्ति / सेवा समाप्ति होती है, उसकी नियुक्ति/सेवा समाप्ति की छःमाही में की गई सेवा के प्रत्येक पूर्ण माह के लिये 5 / 6 दिन प्रतिमाह की दर से अर्जित अवकाश जमा किये जाने की अनुमति दी जायेगी ।

(2) उप-नियम (1) के उपबंधों के अध्यधीन विश्रामावकाश विभाग में सेवारत शासकीय सेवक को उस वर्ष की सेवा के लिए. जिस वर्ष उसने पूर्ण विश्रामावकाश का उपभोग किया है उस वर्ष में कर्तव्य निर्वहन के लिए किसी भी अर्जित अवकाश की पात्रता नहीं होगी।

(क) उस वर्ष जिसमें शासकीय सेवक विश्रामावकाश का आंशिक उपभोग करता है, अर्जित अवकाश की पात्रता 20 दिन के ऐसे अनुपात में होगी जो उपभोग न किये गये विश्रामावकाश के दिनों तथा संपूर्ण विश्रामावकाश के दिनों में हो ।

(ख) यदि किसी वर्ष, शासकीय सेवक किसी विश्रामावकाश का उपभोग नहीं करता है तो उसे उस वर्ष के लिये अर्जित अवकाश की पात्रता नियम 25 के अधीन होगी; उप-नियम (1 ) के प्रावधानों के अनुसार उस वर्ष के संबंध में अग्रिम जमा किया गया अर्जित अवकाश नियम 25 के अधीन इस प्रकार जमा किये गये अर्जित अवकाश के विरुद्ध समायोजित किया जायेगा ।

व्याख्या- इस नियम के प्रयोजन हेतु, ‘वर्ष’ शब्द का अर्थ उस कैलेंडर वर्ष से नहीं लगाया जायेगा जिसमें कर्तव्य का निर्वहन किया गया है किन्तु विश्रामावकाश विभाग में किये गये 12 महीने के वास्तविक कत्त्तव्य निर्वहन से लगाया जायेगा ।

टिप्पणी.- (1) जब तक किसी प्राधिकारी के सामान्य या विशेष आदेश द्वारा उसे विश्रामावकाश अथवा विश्रामावकाश के किसी अंश से वंचित किया जाना अपेक्षित न हो, यह मान लिया जायेगा कि विश्रामाबकाश की पात्रता रखने वाले शासकीय सेवक ने विश्रामावकाश अथवा उसके अंश का उपभोग किया है;

परंतु यदि किसी ऐसे अदेश द्वारा उसे पन्द्रह दिन से अधिक विश्रामावकाश का लाभ उठाने से वंचित किया गया हो तो यह मान लिया जायेगा कि उसने विश्रामावकाश के किसी भाग का उपभोग नही किया ।

टिप्पणी.- (2) जब विश्रामावकाश विभाग में सेवारत कोई शासकीय सेवक एक पूर्ण वर्ष का कर्तव्य पूरा करने के पहले ही अवकाश पर जाता है, उसके अर्जित अवकाश की पात्रता की गणना उसके अवकाश पर जाने के पूर्व की वास्तविक सेवा ( कर्तव्य) अवधि में पड़ने वाले विश्रामावकाश के संदर्भ में नहीं की जायेगी, किंतु गत वर्ष की सेवा पूर्ण होने की तिथि से प्रारंभ हुई वर्ष की अवधि में पड़ने वाले विश्रामावकाश के संदर्भ में किया जायेगा ।

टिप्पणी.- (3) विश्रामावकाश विभाग में कार्यरत शासकीय सेवक के प्रकरण में, उप-नियम (3 ) के अधीन अर्जित अवकाश की पात्रता, यदि कोई हो, तो यह उप-नियम (1) के अंतर्गत स्वीकार्य अर्जित अवकाश के अतिरिक्त होगा

(3) इस नियम के अधीन विश्रामावकाश किसी प्रकार के अवकाश के संयोजन अथवा निरंतरता में लिया जा सकता है, किन्तु लिया गया विश्रामावकाश एवं अर्जित अवकाश के कुल अवधि का योग चाहे अर्जित अवकाश के संयोजन अथवा निरंतरता में लिया गया हो या न हो, शासकीय सेवक को देय तथा नियम 25 के अधीन एक समय में स्वीकार्य अर्जित अवकाश से अधिक नही होगा ।

(4) इस नियम के अधीन पिछली छमाही की समाप्ति पर शासकीय सेवक के अवकाश खाते में जमा अर्जित अवकाश को इस शर्त के अध्यधीन आगामी छ:माही में कैरी फारवर्ड किया जायेगा जिस प्रकार से कैरी फारवर्ड किये गये अवकाश तथा छ:माही जमा अवकाश का योग 300 दिनों की अधिकतम सीमा से अधिक न हो ।

टिप्पणी- विश्रामावकाश विभाग में सेवारत व्यक्ति को उपभोग न किये गये पदग्रहण काल के अंश को जमा करने की सुविधा, नियम 25 के उप-नियम (1) के खण्ड (क) के उपखण्ड (दो) के प्रावधानों के अनुसार स्वीकार्य होगा ।