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Medical leave rules for Chhattisgarh state government employees in hindi

चिकित्सा प्रमाणपत्र पर शासकीय सेवक को अवकाश की स्वीकृति (Medical leave rules for Chhattisgarh state government employees in hindi)

( 1 ) शासकीय सेवक द्वारा प्रस्तुत चिकित्सा प्रमाणपत्र के आधार पर अवकाश हेतु आवेदन-पत्र के साथ प्राधिकृत चिकित्सा परिचारक अथवा पंजीकृत चिकित्सा व्यवसायी द्वारा प्रपत्र – 3 पर दिये गये चिकित्सा प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा, जिसमें बीमारी की प्रकृति तथा संभावित अवधि को यथा संभव स्पष्ट रूप से परिभाषित करना चाहिए। ऐसा आवेदन पत्र जहां तक संभव हो, की अवधि जिसके लिये अवकाश आवेदित है, के प्रारंभ होने के पूर्व अथवा के दौरान प्रस्तुत करना होगा :

परन्तु, आपवादिक परिस्थतियों में, जहां शासकीय सेवक के लिए उपरोक्त समय-सीमा में आवेदन पत्र प्रस्तुत करना यथोचित आधार पर व्यावहारिक न हो, इसे आवेदित अवकाश की अवधि प्रारंभ होने के दिनांक से सात दिनों के पश्चात् प्रस्तुत नहीं किया जा सकेगा ;

परन्तु यह और भी कि, अपवादिक परिस्थितियों में, जहां अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी का यह समाधान हो जाए कि शासकीय सेवक के लिए अवकाश आवेदन-पत्र के साथ अपेक्षित चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना यथोचित रूप से यथासाध्य नहीं था वहां वह अपने स्वविवेक से ऐसे शासकीय सेवक द्वारा चिकित्सा प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने हेतु, आवेदित अवकाश की कालावधि के प्रारंभ होने की तिथि से सात दिनों के अनधिक विलंब का दोषमार्जन (छूट) कर सकेगा ।

(2) चिकित्सा प्राधिकारी, ऐसे किसी प्रकरण में अवकाश स्वीकृत करने की अनुशंसा नहीं करेगा जिसमें यथोचित प्रत्याशा प्रकट न होती है कि संबधित शासकीय सेवक अपना कार्य ग्रहण करने हेतु कभी भी योग्य होगा, और ऐसे मामले में राय होगी कि शासकीय सेवक शासकीय सेवा हेतु स्थायी रुप से अयोग्य है वहाँ चिकित्सा प्रमाणपत्र में यह अभिलिखित किया जायेगा ।

(3) अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी अपने स्वविवेक से, किसी शासकीय चिकित्सा अधिकारी, जो सिविल सर्जन से निम्न श्रेणी का न हो, से यथासंभव शीघ्र आवेदक की स्वास्थ्य परीक्षा करने हेतु अनुरोध करते हुए द्वितीय चिकित्सा अभिमत प्राप्त कर सकेगा

(4) उप-नियम (3 ) में निर्दिष्ट शासकीय चिकित्सा अधिकारी का यह कत्त्तव्य होगा कि वह बीमारी के तथ्यों तथा अनुशंसित अवकाश की आवश्यक मात्रा के संबंध में अपना अभिमत व्यक्त करें तथा इस प्रयोजन के लिए चाहे वह आवेदक को उसके समक्ष अथवा उसके द्वारा नामांकित चिकित्सा अधिकारी के समक्ष उपस्थित होने की अपेक्षा कर सकेगा

(5) इस नियम के अधीन स्वीकृत चिकित्सा प्रमाणपत्र, संबंधित शासकीय सेवक को स्वयमेव अवकाश का कोई अधिकार प्रदान नहीं करता है, चिकित्सा प्रमाणपत्र, अवकाश स्वीकृत करने हेतु सक्षम प्राधिकारी को अग्रेषित किया जायेगा तथा उस प्राधिकारी के आदेश की प्रतीक्षा की जायेगी ।

(6) अवकाश स्वीकृति हेतु सक्षम अधिकारी अपने स्वविवेक से, एक समय में सात दिन से अनधिक अवधि के अवकाश हेतु, आवेदन पत्र के मामले में चिकित्सा प्रमाणपत्र प्रस्तुत करने से छूट प्रदान कर सकेगा । तथापि, ऐसा अवकाश, चिकित्सा प्रमाणपत्र पर लिया गया अवकाश नहीं माना जायेगा तथा चिकित्सा कारणों से अवकाश से भिन्न अवकाश के विरुद्ध विकलित किया जायेगा।

18- उस शासकीय सेवक को अवकाश, जिसकी स्वस्थ होकर कर्तव्य पर वापस आने की संभावना न हो.-

(1) (क) जब चिकित्सा अधिकारी ने यह प्रतिवेदित किया हो कि शासकीय सेवक के स्वस्थ होकर कर्तव्य पर वापस लौटने की यथोचित संभावना नहीं है तो ऐसे शासकीय सेवक का अवकाश अनिवार्यतः अस्वीकृत नहीं किया जायेगा ।

(ख) अवकाश यदि देय हो तो निम्नलिखित शर्तों पर अवकाश स्वीकृत करने वाले सक्षम प्राधिकारी द्वारा स्वीकृत किया जा सकेगा :

(एक) यदि चिकित्सा अधिकारी निश्चित रूप से यह कहने में असमर्थ है कि शासकीय सेवक फिर कभी भी सेवा के योग्य नहीं होगा, ऐसा अवकाश स्वीकृत कर सकेगा जो कुल बारह माह से अधिक न हो तथा बिना किसी चिकित्सा प्राधिकारी को पुनः संदर्भित किये, ऐसे अवकाश को आगे नहीं बढ़ाया जायेगा ।

(दो) यदि शासकीय सेवक को किसी चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा आगे की सेवा हेतु पूर्णतः और स्थाई रूप से अयोग्य घोषित किया जाता है तो चिकित्सा प्राधिकारी से प्रतिवेदन प्राप्त होने के पश्चात् ही, अवकाश अथवा अवकाश में वृद्धि स्वीकृत की जा सकेगी, परंतु चिकित्सा प्राधिकारी के प्रतिवेदन की तिथि से आगे की किसी कर्तव्य अवधि के साथ अवकाश खाते में विकलित अवकाश की अवधि, छ: महिने से अधिक न हो ।

(2) शासकीय सेवक जिसे चिकित्सा प्राधिकारी द्वारा आगे की सेवा हेतु पूर्णतः तथा स्थाई रूप से अयोग्य घोषित किया गया है :

(क) यदि वह कर्तव्य पर है तो उसके कर्त्तव्य से भार मुक्त होने के दिनांक से सेवा से अयोग्य माना जाएगा, जिसकी व्यवस्था चिकित्सा प्राधिकारी का प्रतिवेदन प्राप्त होने पर अविलंब की जानी चाहिये, तथापि, यदि उसे उप-नियम (1) के अधीन अवकाश स्वीकृत किया गया है तो ऐसे अवकाश की समाप्ति पर सेवा से अयोग्य माना जायेगा ।

(ख) यदि वह पूर्व से ही अवकाश पर है, तो उस अवकाश की अथवा उप-नियम (1) के अंतर्गत स्वीकृत अवकाश में वृद्धि, यदि कोई हो, की समाप्ति पर सेवा से अयोग्य माना जायेगा ।

अवकाश का प्रारंभ और समापन

नियम 20 में यथा उपबंधित के सिवाय, सामान्यतः अवकाश का प्रारंभ उस दिन से होगा जिस दिन कार्यभार का हस्तांतरण प्रभावी हो तथा उस दिन को समाप्त होगा जिस दिन कार्यभार पुनः ग्रहण किया जाये ।

अवकाश के साथ सार्वजनिक छुट्टियों का संयोजन.-

(1) उन मामलों को छोड़कर, जहां अवकाश स्वीकृत करने वाले प्राधिकारी द्वारा प्रशासकीय कारणों से अवकाश के पहले और/अथवा बाद में अवकाश (अवकाशों) को जोड़ने की अनुमति विशेष रूप से रोकी गई है, जिस दिन शासकीय सेवक का अवकाश प्रारंभ होता है उस दिन के ठीक पहले दिन अथवा जिस दिन शासकीय सेवक का अवकाश समाप्त होता है उस दिन के ठीक दूसरे दिन सार्वजनिक अवकाश है या सार्वजनिक अवकाशों की कोई श्रृंखला है तो शासकीय सेवक ऐसे सार्वजनिक अवकाश अथवा सार्वजनिक अवकाशों की श्रृंखला के पहले वाले दिन की कार्यावधि समाप्ति के पश्चात् मुख्यालय छोड़ सकता है, अथवा उसके दूसरे दिन वापस आ सकता है ।

(2) चिकित्सा प्रमाणपत्र के आधार पर अवकाश के प्रकरण में

(क) जब शासकीय सेवक को कार्यालय में उपस्थित होने हेतु चिकित्सीय आधार पर अयोग्य घोषित किया गया हो तो ऐसे प्रमाणपत्र की तिथि के ठीक पूर्ववर्ती दिन के लिये सार्वजनिक अवकाश (अवकाशों) यदि कोई हो, उसे स्वयमेव अवकाश में जोड़ दिया जायेगा और ऐसे प्रमाणपत्र (उस तिथि को शामिल करते हुए) की तिथि के ठीक बाद में पड़ने वाले सार्वजनिक अवकाश (अवकाशों) के दिन को अवकाश का भाग माना जायेगा ।

(ख) जब एक शासकीय सेवक को कर्तव्य पर उपस्थित होने के लिये चिकित्सीय आधार पर योग्य प्रमाणित किया गया हो, ऐसे प्रमाणपत्र (उस दिन को शामिल करते हुए) के ठीक बाद के दिन में पड़ने बाले सार्वजनिक अवकाश को स्वयमेव अवकाश में जोड़ दिया जायेगा और ऐसे प्रमाणपत्र की तिथि के पहले पड़ने वाले शासकीय अवकाश के दिनों को अवकाश का भाग माना जायेगा।

(3) यदि अवकाश के पूर्व सार्वजनिक अवकाश जोड़ा जाता है, तो अवकाश तथा इसके फलस्वरूप वेतन भत्ते में किसी पूर्ण व्यवस्था का प्रभाव सार्वजनिक अवकाश के अगले दिन से होगा ।

(4) यदि अवकाश में सार्वजनिक अवकाश जोड़ा जाता है तो, अवकाश की समाप्ति तथा इसके फलस्वरूप वेतन भत्ते में किसी पुर्नव्यवरथा का प्रभाव उस दिन से होगा जिस दिन शासकीय अवकाश के न जोड़े जाने की स्थिति में अवकाश समाप्त होता ।