1. विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों हेतु लागू है इसके अंतर्गत कक्षा 1 से 12 तक के समस्त विद्यार्थी सम्मिलित हैं।

2.विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना योजना का उद्देश्य:

राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों के विद्यार्थियों की दुर्घटना में मृत्यु अथवा शारीरिक क्षतियों की दशा में विद्यार्थियों के माता/पिता/संरक्षक को बीमा लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रारम्भ की गई है।

3.विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण बिन्दुः-

(1) योजना का संचालन राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग (साधारण बीमा योजना) द्वारा किया जा रहा है।

(ii) इस योजना के अन्तर्गत राजकीय विद्यालयों के कक्षा 1 से 12 तक के विद्यार्थियों हेतु बीमाधन 1 लाख रूपये निश्चित किया गया है

(it) योजना का नवीनीकरण प्रत्येक वर्ष 15 अगस्त से किया जाता है ।

(iv) विद्यार्थी की मृत्यु अथवा योजना में उल्लेखित क्षतियों की स्थिति में पॉलिसी के प्रभावी रहने तक भारत में किसी भी स्थान और समय पर दुर्घटना घटित होने पर योजना का लाभ देय होगा।

v) विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत दी जाने वाली क्षतिपूर्ति राशि अन्य किसी भी विधि विधान के अन्तर्गत दी जाने वाली क्षति पूर्ति राशि के अतिरिक्त होगी

(vi) मृत्यु अथवा शारीरिक क्षति दोनों ही परिस्थितियों में दावा राशि विद्यार्थी के माता/पिता/संरक्षक को ही देय होगी।

(vii) राज्य बीमा एवं प्रावधायी निधि विभाग के संयुक्त/उप/सहायक निर्देशक के कार्यालय जिला स्तर पर स्थित है। समस्त दावों का निस्तारण जिला कार्यालयों द्वारा किया जाता है।

(viii) विभाग द्वारा दावेदार के बैंक खाते में अथवा बैंक ड्राफ्ट/ बैंकर चैक द्वारा भुगतान किया जाता है।

(ix) दावा प्रपन्न दुर्घटना की तिथि से छ: माह के अन्दर इस विभाग के संबंधित जिला कार्यालय में प्रस्तुत किया जाना आवश्यक है।

(x) पॉलिसी अवधि में एक से अधिक दुर्घटना के होने पर बीमाधन से अधिक कुल राशि का भुगतान नहीं किया जायेगा।

4. विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना हेतु विद्यार्थी की परिभाषाः

विद्यार्थी से तात्पर्य दुर्घटना के दिन राजस्थान स्थित किसी भी राजकीय विद्यालय की नामांकन पंजिका में दर्ज विद्यार्थी से है। राज्य सरकार द्वारा संचालित राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थी इस योजना के अन्तर्गत शामिल हैं।

5. विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना के अन्तर्गत दुर्घटनाओं में विद्यार्थी की मृत्यु अथवा अन्य शारीरिक क्षतियों की दशा में योजना के प्रावधानों के अनुसार बीमाधन भुगतान किया जाता है।

योजना के अन्तर्गत दुर्घटना में हुई क्षति से आशय किसी ऐसी शारीरिक चोट से है, जो बाह्य, हिंसात्मक एवं दृश्य माध्यम (External, Violent and Visible Means) द्वारा लगी हो। शारीरिक चोट संदर्मित दुर्घटना से ही उत्पन्न हुई होनी चाहिए एवं दुर्घटना से पूर्व अस्तित्व में नहीं होनी चाहिए। स्पष्टतः योजना के अन्तर्गत केवल उन्हीं प्रकरणों पर विचार किया जावेगा जिनमें मृत्यु अथया शारीरिक क्षतियाँ दुर्घटना से उत्पन्न होती है। यह स्पष्ट किया जाता है कि मृत्यु /क्षति का सीधा संबंध दुर्घटना से होना चाहिए। विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा योजना का लाभ निम्न प्रकार की क्षतियों पर देय होगा-

विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा दावा राशि का विवरण

  1. दुर्घटना में मृत्यु हो जाने पर- 100000 , रु

2. दुर्घटना में दोनों हाथों या दोनों पैरों या दोनों आंखों या एक हाथ एवं एक आंख अथवा एक पैर एवं एक आंख अथवा एक पैर और एक हाथ की क्षति पर – 100000, रू

3. दुर्घटना में एक हाथ अथवा एक पैर अथवा एक आंख की क्षति पर – 50000 ,रु

4. दुर्घटना में उपरोक्त सती के अलावा अन्य प्रकार की शारीरिक क्षति से बीमा कृत्य विद्यार्थी के संपूर्ण रूप से अपंग होने की दशा में – 100000, रु

श्रवण शक्ति की क्षति की दशा में:-

  1. श्रवण शक्ति की पूर्ण क्षति ( दो कानों की क्षति ) – 50000,रु

2. श्रवण शक्ति की क्षति (एक कान की पूर्ण क्षति)- 15000,रु

एक हाथ के अंगूठे और अंगुलियों की क्षति :-

  1. एक हाथ के अंगूठे एवं चारों अंगुलियों( समस्त अंगुलियों की क्षति) – 40000,रु

2. एक हाथ के अंगूठे एवं चारों अंगुलियों( समस्त अंगुलियों की क्षति) – 40000,रु

3. हाथ के अंगूठे की क्षति दोनों अंगुलियों की क्षति – 25000, रु

4. एक अंगुली की क्षति – 10000 रु

5. हाथ के अंगूठे के अतिरिक्त अन्य अंगुलियों की क्षति – 10000, रू

6. किसी भी अंगुली की समस्त अंगुलियों की क्षति पर – 8000, रु

7. किसी भी अंगुली की दो अंगुलियों की क्षति पर – 4000, रु

6.अपवर्जन (जिन परिस्थितियों में लाभ देय नहीं है।)

योजना की अन्तर्गत प्राकृतिक रूप से बीमारी के कारण से होने वाली मृत्यु अथवा शारीरिक क्षतियों पर लाम देय नहीं होगा।

उदाहरणार्थ:

(क) हृदय गति रूक जाने से होने वाली मृत्यु

(ख) विभिन्न बीमारियों जैसे कैंसर, टीबी इत्यादि से होने वाली मृत्यु अथवा अन्य क्त्तियां।

(ग) आत्मक्षति, आत्महत्या या आत्महत्या का प्रयास, पागलपन अथवा किसी विद्यार्थी द्वारा नशीले द्रव्य के प्रयोग के प्रभाव से होने वाली क्षति।

(घ) चिकित्सा अथवा शल्य क्रिया के दौरान होने वाली मृत्यु अथवा क्षति।

(ड) नाभिकीय विकिरण अथवा परमाणविक अस्त्रों से होने वाली मृत्यु अथवा क्षति।

(च) युद्ध, विदेशी आक्रमण विदेशी शत्रु के कृत्यों, गृह युद्ध, देश द्रोह अथवा राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से होने वाली मृत्यु अथवा क्षति ।

(छ) विद्यार्थी द्वारा आपराधिक उद्देश्य से विधि द्वारा निर्धारित कानून का उल्लंघन करते समय हुई मृत्यु अथवा क्षति।

7. विद्यार्थी सुरक्षा बीमा योजना के अन्तर्गत:

(1) हाथ की क्षति से आशय-हाथ की कलाई से अथया ऊपर से

(2) पैर की क्षति से आशय-पैर की एडी अथवा ऊपर से पार्थक्य

8. पॉलिसी संचालन हेतु प्रक्रिया:

योजना के अन्तर्गत विद्यालयों में बालू शिक्षण सत्र के सभी नामांकित विद्यार्थियों को इस योजना के अन्तर्गत लाभ गिलेंगा।

{i) दुर्घटनाओं में हुई क्षति /हानि के लिये दावों के निस्तारण का कार्य राज्य बीमा एवं प्राधायी निधि (साधारण बीमा निधि) विभाग के जिला कार्यालयों द्वारा किया जावेगा।

(ii) दुर्घटना की स्थिति में बाबा प्रपत्र छात्र/अभिभावक / संरक्षक के द्वारा दुर्घटना तिथि से छ माह के अन्दर विद्यालय के प्रधानाध्यापक/प्राचार्य से हस्ताक्षरित एवं सम्बन्धित ब्लॉक प्रारम्भिक शिक्षा अधिकारी/जिला शिक्षा अधिकारी से प्रति हस्ताक्षरित होकार इस दिमाग के जिला कार्यालय में प्राप्त होना आवश्यक है।

iii) दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में मृत्यु दावा प्रपत्र के प्रत्येक कॉलम की पूर्ति की जाचे तथा दावेदार (माता, पिता, सरक्षाक) द्वारा हस्ताक्षर किये जायें। दावा प्रपत्र के साथ मृत्यु प्रमाण पत्र पुलिस में दर्ज कराई गई रिपोर्ट एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति तथा अन्य वांछित दस्तावेजों की प्रति संलग्न की जाये।

(iv) दुर्घटना में हुई शारीरिक क्षति एवं चिकित्सा व्यय की स्थिति में दावा प्रपत्र के प्रत्येक कॉलम की पूर्ति की जावे तथ्य दावेदार द्वारा हस्ताक्षर किये जायें। यदि दावेदार बालिग नहीं है तो माता, पिता, संरक्षक द्वारा हस्ताक्षर किये जायें।

(v) दावा प्रपत्र के साथ पुलिस में दर्ज करायी गई रिपोर्ट की प्रमाणित प्रति, डॉक्टर का प्रमाण पत्र तथा चिकित्सा परिचर्या एवं डिस्चार्ज टिकिट व बिलों की प्रमाणित प्रति संलग्न की जावे।

(vi) विद्यार्थी का विद्यालय के नामांकन रजिस्टर में दुर्घटना के माह में नाम दर्ज होना व प्रधानाध्यापक या प्राचार्य द्वारा यह प्रमाणित किया जाना कि संबंधित विद्यार्थी दुर्घटना के समय विद्यालय का विद्यार्थी रहा है जोखिम वहन हेतु पर्याप्त प्रमाण होगा।

(vii) राज्य बीमा विभाग के संयुक्त/ उप / सहायक निदेशक द्वारा विद्यालय के प्रधानाध्यापक या प्राचार्य के प्रमाण पत्र प्राप्त कर इसके पैरा (4) अथवा (5) में वांछित दस्तावेजों के आधार पर यह निर्णय किया जायेगा कि विद्यार्थी का दावा इस पॉलिसी के अन्तर्गत क्षतिपूर्ति हेतु योग्य है अथवा नहीं। तदनुसार भुगतान हेतु कार्यवाही की जायेगी।

(viii)विभाग के जिला कार्यालय के निर्णय से असंतुष्ट होने की स्थिति में दावेदार द्वारा निर्णय की दिनांक से 3 माह की अवधि में निर्णय के रिव्यू/रिविजन हेतु निदेशक राज्य बीमा एवं प्रा.नि, विभाग के समक्ष प्रार्थना पत्र प्रेषित किया जा सकेगा।

विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा (STUDENT ACCIDENT CLAIM) दावा के लिए आवश्यक दस्तावेज़

(1) बीमा क्लेम प्रपत्र (SIPF द्वारा जारी)
(2) मृत्यु प्रमाण पत्र
(3) FIR की प्रति
(4) संस्था प्रधान द्वारा प्रमाणित पत्र
(5) पोस्टमार्टम रिपोर्ट
(6) स्कूल द्वारा विद्यार्थी सुरक्षा दुर्घटना बीमा फीस चालान की कॉपी
(7) दावेदार के बैंक पास बुक की कॉपी

Download- विद्यार्थी-सुरक्षा-दुर्घटना-बीमा-दावा-प्रपत्र (Student accident insurance claim form Rajasthan).pdf

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