श्रीमान निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर द्वारा उनके पत्रांक- – शिविरा-मा/संस्था / एफ-3/13320 / विदेश यात्रा / 2019 दिनांक-02.05.2019 द्वारा कार्मिकों को द्वारा विदेश यात्रा की अनुमति हेतु आवेदन के सम्बन्ध में निम्नानुसार दिशा निर्देश जारी किये गये है-

विभाग में कार्यरत अधिकारियों/कर्मचारियों के विदेश यात्रा की स्वीकृति हेतु प्रकरण निदेशालय को प्राप्त होते हैं। प्रायः यह देखा गया है कि निदेशालय को प्रकरण कार्मिक द्वारा की जाने वाली विदेश यात्रा प्रारम्भ होने की तिथि से ठीक पूर्व या कई बार उस तिथि के उपरान्त प्राप्त होते हैं। कार्मिकों द्वारा सक्षम स्तर से स्वीकृति प्राप्त होने से पूर्व ही यात्रा के टिकट बनवाने या यात्रा प्रारम्भ किये जाने की जानकारी दी जाती है। विभाग की आवश्यकताओं और प्राथमिकताओं को ध्यान में रखते हुए अनुमति देते हुए प्रस्तावित तिथियों में बदलाव या कमी की जा सकती है, जिससे उन्हें असुविधा होती है। अतः आकस्मिक अपरिहार्य स्थितियों के अलावा विदेश यात्रा आवेदन हेतु निम्नांकित निर्देश प्रदान किये जाते है-

1. कार्मिक / संस्था प्रधान विदेश यात्रा स्वीकृति हेतु प्रकरण सीधे निदेशालय माध्यमिक शिक्षा को प्रेषित नहीं करेंगे। सक्षम अधिकारी प्रकरण का पूर्ण परीक्षण कर अपनी स्पष्ट अनुशंषा के साथ प्रकरण निदेशालय को कम से कम तीन सप्ताह पूर्व अनिवार्य रूप से अग्रेषित करेंगे।

2. विदेश यात्रा हेतु विभागाध्यक्ष की पूर्वानुमति आवश्यक है।

 3. सक्षम स्वीकृति जारी किये जाने से पूर्व यात्रा कार्यक्रम स्वीकृत मानकर उसे अंतिम रूप नहीं दिया जाए ।

4. विदेश यात्रा कार्यक्रम इस प्रकार बनाया जावें कि उनकी यात्रा से शिक्षण कार्य / पदीय दायित्वों में व्यवधान पैदा न हो। यथा संभव अवकाश अवधि में ही विदेश यात्रा हेतु कार्यक्रम बनावें।

5. विदेश यात्रा की अनुमति के सम्बन्ध में यह स्पष्ट किया जाता है कि अवकाश स्वीकृति के निर्धारित समय पश्चात् यदि कार्मिक कर्तव्य स्थान पर उपस्थित नहीं होता है तो कर्त्तव्य से अनुपस्थित मानते हुए सम्बन्धित के विरूद्ध आर.एस.आर. 1951 के नियम 86 के प्रावधानान्तर्गत कार्यवाही अमल में लायी जाकर अनुशासनात्मक कार्यवाही की जावेगी।

6. विदेश यात्रा हेतु आवेदन कर देने मात्र को ही विदेश यात्रा अनुमति का आधार नहीं माना जाए।

7. कार्मिक विदेश यात्रा की अनुमति के साथ सक्षम अधिकारी (राजस्थान शिक्षा सेवा नियमों के प्रावधानानुसार) से अपना अवकाश स्वीकृत करवाये जाने के पश्चात् ही विदेश यात्रा पर प्रस्थान करेंगे।

8. कार्मिक विदेश में स्वीकृत अवकाश अवधि से अधिक नहीं ठहरेगें। 9. विदेश से भिजवाये गये त्याग पत्र को स्वीकार नहीं किया जावेगा।

10. कार्मिक के विरूद्ध किसी प्रकार की शिकायत/विभागीय जांच / न्यायिक /आपराधिक प्रकरण विचाराधीन/प्रकियाधीन हो तो उसका पूर्ण विवरण अंकित किया जाए। यदि ऐसा नहीं हो तो इस आशय की घोषणा आवेदन पत्र पर अंकित की जाए।

11. संबंधित संस्था प्रधान शिक्षण कार्य/राजकीय कार्य में व्यवधान न होने के आशय की घोषणा के साथ ही कार्मिक द्वारा पढ़ाये जाने वाले विषय के पाठ्यक्रम पूर्ण करवाने के संबंध में स्पष्ट टिप्पणी तथा यह भी घोषणा अंकित करेंगे कि उक्त अवधि में वैकल्पिक व्यवस्था कर ली जावेगी।

12. यथा संभव विदेश यात्रा की अवधि 30 दिन से अधिक नहीं रखी जावे ।

13. संबंधित सक्षम अधिकारी द्वारा प्रकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेजों जैसे कार्मिक का प्रार्थना पत्र, घोषणा पत्र, पासपोर्ट की प्रति, कार्मिक द्वारा लिये जाने वाले अवकाश का विवरण एवं परिशिष्ट अ’, ‘ब’,’स’ की पूर्ति होने के उपरान्त ही प्रकरण निदेशालय को अग्रेषित करवाना सुनिश्चित करावें।

14. विदेश यात्रा के दौरान कार्मिक द्वारा किसी प्रकार का अध्ययन / व्यवसाय / नियोजन स्वीकार नहीं किया जावेगा।

15. विदेश यात्रा के लिए आवेदित अवकाश में किसी प्रकार की वृद्धि सक्षम स्तर से अनुमति के बिना स्वीकृत नहीं की जाएगी।

16. विदेश यात्रा हेतु अथवा विदेश यात्रा के दौरान राज्य सरकार के माध्यम से कोई व्यय/ विदेशी विनिमय नहीं किया जावेगा एवं न ही राजकीय स्त्रोत से विदेशी मुद्रा उपलब्ध करवाई जाएगी।

17. राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर जारी निर्देशों की पूर्ण पालना की जावेगी।

18. अधिकारी/कार्मिक द्वारा विदेश यात्रा के दौरान किसी राजकीय अभिलेख/सूचना की गोपनीयता भंग नही की जाएगी।

विदेश यात्रा की अनुमति हेतु प्रस्तुत आवेदन पत्र के साथ संलग्न किये जाने वाले दस्तावेज- (चैकलिस्ट)

1) आवेदन पत्र।

2) संस्था प्रधान/कार्यालयाध्यक्ष एवं सक्षम अधिकारी की टिप्पणी तथा अनुशंषा

3) प्रार्थी द्वारा प्रस्तुत की जाने वाली घोषणा पत्र । 

4) प्रार्थी के पासपोर्ट की सत्यापित प्रति ।

5) परिशिष्ट अ, ब एवं स सम्पूर्ण कॉलम की पूर्ति सहित मय वांछित संलग्नक ।

6) अवकाश का विवरण (जी.ए. 45) निर्धारित प्रारूप में ।

7) आवेदन पत्र में विदेश यात्रा का प्रयोजन।

8) प्रार्थी के विरूद्ध किसी प्रकार की विभागीय जांच/ अनुशासनात्मक कार्यवाही नहीं होने के संबंध में जारी प्रमाण पत्र एवं विभागीय जांच /न्यायिक प्रकरण विचाराधीन अथवा प्रक्रियाधीन हो तो संबंधित की प्रति एवं दस्तावेज।

By admin

error: Content is protected !!