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हैण्डबाल के खेल नियम (Rules of Handball)

हैण्डबाल के खेल नियम (Rules of Handball)

आधुनिक हैण्डबॉल के जन्मदाता का श्रेय डेनमार्क को जाता है। होल्गर नेल्सन (जिम शिक्षक) ने 1898 में आधुनिक हैण्डबॉल के नियम बनाये । यह 1906 में प्रकाशित हुए। हैण्डबॉल के नियमों का एक और संग्रह जर्मनी के मैक्स हैजर एवं उनके दो साथियों ने 29 अक्टूबर 1917 में प्रकाशित किए। सन् 1919 में इनका पुनः संशोधन किया गया हैण्डबॉल का पहला अंतर्राष्ट्रीय मैच इन खेल नियमों द्वारा पुरुषों के लिए जर्मनी और बेल्जियम के बीच 1925 में खेला गया। जबकि 1930 में महिलाओं के लिए जर्मनी एवं आस्ट्रिया के बीच खेला गया। सन् 1928 में International Amateur Handball Federation की स्थापना हुई जबकि अंतर्राष्ट्रीय हैण्डबॉल संघ की स्थापना 1926 में हुई । सन् 1936 के बर्लिन ओलम्पिक में पुरुषों के लिए इस खेल को ओलम्पिक खेल में सम्मिलित किया गया सन् 1976 में महिलाओं के लिए हैण्डबॉल खेल को मॉन्ट्रियल ओलम्पिक में सम्मिलित किया गया।

(Rules of Handball) नियम 1. खेल का मैदान

खेल का मैदान दो गोल क्षेत्रों में विभाजित होता है खेल के कोर्ट का आकार आयताकार होता है जिसकी लम्बाई 40 मीटर और चौड़ाई 20 मीटर होती है। लम्बी सीमा रेखा, साइड लाइन (5 सेमी. चौड़ी) और छोटी सीमा रेखा गोल लाइन (3 सेमी. चौड़ी) कहलाती है । प्रत्येक गोल रेखा मध्य में गेल होते हैं। एक गोल में 2 ऊँचे खड़े स्तम्भ होंगे जो क्षेत्र के कोनों से समान दूरी पर होंगे । स्तम्भ एक दूसरे से 3 मीटर की दूरी पर होंगे तथा इनकी ऊँचाई 2 मीटर होगी एवं ऊपर से क्रॉस बार द्वारा जुड़े होंगे। तथा क्रॉस बार की मोटाई 8 सेमी. होगी।

Handball Court

नियम 2. खेल की अवधि, अंतिम संकेत और टाइम आउट

(i) खेल की अवधि- हैण्डडॉल खेल में 30-30 मिनट के दो अर्द्ध होते हैं। दोनों अद्द्धा के मध्य 10 मिनट का अंतराल होता है। खेल के बराबर के स्कोर पर टाई होने पर 5 मिनट के अंतराल के पश्चात् 5-5 मिनट के दो अर्द्ध खेले जाते हैं। इन अर्धों के मध्य एक मिनट का अंतराल लिया जाता है। इसमें भी मैच के बराबर होने की स्थिति में 7 मीटर थ्रो से फैसला सुनिश्चित होगा।

(ii) अंतिम संकेत– रेफरी की सीटी बजने के साथ ही खेल का समय प्रारम्भ हो जाता है एवं टाइम कीपर के संकेत द्वारा खेल समाप्त हो जाता है।

(iii) टाइम आउट– एक टीम नियमित खेल अवधि के प्रत्येक अर्द्ध में एक मिनट का टाइम आउट ले सकती है।

(Rules of Handball) खेल नियम 3 – गेंद

गेंद चमड़े सिंथेटिक की होनी चाहिए एवं आकार में गोलाकार होती हैं। इसकी सतह चमकदार व फिसलने वाली नहीं होनी चाहिए ।

गेंद की परिधिगेंद का वजनश्रेणी  
58-60 सेमी.425-475 ग्राम16 वर्ष से अधिक के पुरुष  
54-56 सेमी.325-375 ग्राम16 वर्ष से अधिक की महिलाएं व 12-16 वर्ष के बालक
50-52 सेमी.290-330 ग्राम8-14 वर्ष की बालिका व 8-12 वर्ष के बालक  

(Rules of Handball) नियम 4. टीम, स्थानापन्न, उपकरण एवं खिलाड़ी की चोटें

  • टीम -एक टीम में 16 खिलाड़ी होते हैं। एक समय में कोर्ट में 7 खिलाड़ी खेलते हैं जिनमें से 1 गोलकीपर होता है। खेल प्रारम्भ होने के लिए कम से कम 5 खिलाड़ी होने आवश्यक है।
  • स्थापन्न : खेल के दौरान नियमित खिलाड़ी के कोर्ट से बाहर आने के पश्चातु स्थानापन्न खिलाड़ी किसी भी समय टाइमकीपर या स्टोरकीपर की जानकारी के बिना भी कोर्ट में प्रवेश कर सकता है। स्थापन्न खिलाड़ियों की संख्या 9 होगी ।
  • उपकरण : गोलकीपर के अतिरिक्त टीम के सभी खिलाड़ियों को एक समान वेशभूषा पहनना अनिवार्य है। खिलाड़ियों की जर्सी पर 1-99 तक नम्बर पीठ पर 20 सेमी. एवं सीने पर 10 सेमी. की ऊँचाई के होने चाहिए।

नियम 5 गोलरक्षक

  • अपने गोल क्षेत्र में रक्षण करते समय गेंद को शरीर के किसी भी भाग से स्पर्श कर सकता है।

(Rules of Handball) नियम 6 स्कोरिंग

एक गोल उस समय स्कोर हुआ माना जाता है जब गेंद खेल खंभों के बीच व क्रॉस बार के नीचे से खेल रेखा को पूर्णतः पार कर जाये बशर्ते की गोल करने के लिए स्कोर करने वाला खिलाड़ी, साथी खिलाड़ी अथवा टीम अधिकारियों द्वारा श्री से पूर्व या दौरान नियमों का उल्लंघन न किया गया हो।

नियम 7 थ्रो-ऑफ

  • खेल के प्रारम्भ में टॉस जीतने वाली टीम के पास गेंद से खेल प्रारम्भ करने का विकल्प होता है अगर ये कोर्ट का अर्द्ध चुनते हैं तो विपक्षी टीम द्वारा श्रो-ऑफ लिया जाता है। खेल के दूसरे अर्द्ध में टीमें आपस में कोर्ट के छोर बदलती हैं एवं इसा अर्द्ध के थो- ऑफ का अधिकार उस टीम के पास होता है.. जिसने प्रथम अर्द्ध में थो-ऑफ नहीं लिया।
  • गोल के होने के पश्चात् खेल का प्रारम्भ गोल स्वीकार करने वाली टीम के द्वारा थो- ऑफ द्वारा होता है।
  • प्रत्येक अर्द्ध के प्रारम्भ में श्री-ऑफ के दोरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों को स्वयं के अर्द्ध में ही रहना होगा।

नियम 8 थ्रो-इन

  • गेंद के द्वारा साइड रेखा को पूर्ण रूप से पार कर जाने अथवा रक्षण टीम के खिलाड़ी द्वारा गेंद स्पर्श कर बाह्य गोल रेखा को पार कर जाये तो विपक्षी टीम को श्री-इन दिया जाता है। थ्रो-इन छत या कोर्ट के ऊपर किसी स्थिर वस्तु से गेंद के स्पर्श करने पर भी दिया जाता है ।
  • थ्रो-इन के दौरान गेंद फेंकने वाले का एक पैर साइड रेखा पर होना चाहिए।
  • इस दौरान विपक्षी 3 मीटर से अधिक पास नहीं आ सकते।

नियम 9 गोलकीपर थ्रो

गोलकीपर थ्रो दिया जाता है, जब-

  • विपक्षी टीम का खिलाड़ी गोल क्षेत्र में प्रवेश कर जाये।
  • गोलकीपर गेंद को गोल क्षेत्र के अन्दर नियंत्रण में ले ले अथवा गेंद गोल क्षत्र में स्थिति में हो।
  • विपक्षी द्वारा गोल क्षेत्र के अन्दर गेंद को छू लिया जाये।
  • गोलकीपर अथवा विपक्षी द्वारा छूकर गेंद बाह्य गोल रेखा के पार चली जाये।

नियम 10 फ्री-थो

खिलाड़ी द्वारा नियमों का उल्लंघन करने पर विपक्षी टीम को फ्री-थो दिया जाता है। इसो लेते समय विपक्षी की फ्री-थो रेखा को स्पर्श या पार नहीं किया जाना चाहिए फ्री-धो के दौरान खिलाड़ी गेंद श्री करने वाले से कम से कम 3 मीटर की दूरी पर रहेंगे।

नियम 11 7-मीटर थ्रो

7-मीटर थ्रो दिया जाता है जब-

  • विपक्षी टीम के खिलाड़ी या अधिकारी द्वारा निश्चित गोल के अवसर को अवैध तरीके से समाप्त कर दिया जाये।
  • गोल करने के निश्चित अवसर को ऐसे व्यक्ति द्वारा समाप्त करना जो खेल में भाग नहीं ले रहा हैं। जैसे-दर्शक।

रैफरी की सीटी बजने के 3 सैकण्ड में 7-मीटर थ्रो ले लिया जाना चाहिए एवं गेंद के हाथ में से छूटने के पूर्व फैकने वाले के द्वारा 7 मीटर रेखा को स्पर्श या नहीं किया जाना चाहिए। एक बार थ्रो करने के पश्चात् फैंकने वाले खिलाड़ी या साथी खिलाड़ियों द्वारा गेंद को स्पर्श नहीं किया जाना चाहिए, जब तक विपक्षी टीम के खिलाड़ी या गोल रो गेंद नहीं छू जाये।

नियम 12 थ्रो (थ्रो-ऑफ, थ्रो-इन, गोलरक्षण- थ्रो, फ्री- थ्रो और 7-मीटर थ्रो) क्रियान्वित करने के सामान्य निर्देश:

इस नियम के अन्तर्गत थ्रो-ऑफ, थ्रो-इन, गोलरक्षण-थ्रो, फ्री-थ्रो और 7-मीटर थ्रो के क्रियान्वयन से सम्बन्धित विभिन्न निर्देशों को स्पष्ट किया गया है।

नियम 13 दण्ड

इस नियम के अन्तर्गत विभिन्न प्रकार की चेतावनी, निलम्बन, अयोग्यता एवं निष्कासन के सम्बन्ध में बताया गया है।

नियम 14 रैफरी

एक मैच में दो रेफरी होते हैं, एक टाइमकीपर और एक गोलकीपर इनके सहायक के रूप में होते हैं।

(Rules of Handball) नियम 15 टाइमकीपर और स्कोरकीपर

  • टाइमकीपर का मुख्य कार्य खेल की अवधि टाइम आउट और निलम्बित समय को अंकित करना होता है।
  • स्कोरकीपर का मुख्य कार्य स्कोरशीट को सम्भालना तथा प्रत्येक खिलाड़ी का रिकॉर्ड रखना है

हैण्डबॉल खेल से सम्बन्धित शब्दावली

ड्रिब्लिंग, पास, ओवर हैड पास, जम्प, पेनल्टी, स्कोर, फ्री-थ्रो, 7-मीटर थ्रो, थ्रो-इन, गोलरक्षक थ्रो, साइड पास, फास्ट ब्रेक, बाह्य गोल रेखा

थ्रो-इन : जब गेंद साइड रेखा अथवा बाह्य गोल रेखा से बाहर चली जाये। फ्री-यो : फाउल या दुर्व्यवहार पर विपक्षी टीम को फ्री-थो दिया जाता है ।

हैण्डबॉल खेल से सम्बन्धित आधारभूत कौशल

1. कैच

  • अंगूठा व अंगुलियों को त्रिभुज आकार में रखना।
  • दोनों हाथ बॉल या बॉरकट के आकार में हो।
  • दोनों हाथ कोहनियों से मुड़े हुए हों।
  • दोनों हाथ से बॉल पर प्रहार
  • नजर बॉल पर च सिर ऊपर वह सामने हो

2. ओवर हैड पास

  • थ्रो फैंकने वाला हाथ कोहनी के साथ 9 डिग्री कोण से हो
  • थ्रो के दौरान पूरा हाथ बॉल के पीछे हो ।
  • बॉल को पास देने के पश्चात् फॉलो-थू में लक्ष्य की ओर बढ़े।

3. जम्प शॉट

  • दायें हाथ से फैंकने वाला खिलाड़ी बायें पैर से जम्प लेगा ।
  • हवा में रहते समय शरीर खिंचा हुआ होना चाहिए एवं फैंकने वाला कंधा पीछे जायेगा।
  • जन्म के उच्चतम बिन्दू से गेंद को फैंकेंगे।

4. गोल रक्षक

  • घुटने हल्के से मुड़े हुए और हाथ सिर की ऊँचाई पर रहेंगे।
  • नीची गेंद पैर के द्वारा रोकी जायेगी एवं एक भुजा पैर की सहायता के लिए उसकी ओर रहेगी।
  • मध्यम ऊँचाई पर फैकी गई गेंद हाथ और पैर से रोकी जानी चाहिए जबकि ऊँची बॉल के लिए एक पैर से जम्प लेना चाहिए।