देश भक्ति शायरी (Desh Bhagti Shayari)

देश भक्ति शायरी (Desh Bhagti Shayari) का प्रयोग कर हम मंच संचालन को बहुत ही प्रभावी बना सकते हैं । इसके अलावा किसी भी कार्यक्रम में देश भक्ति शायरियों का उपयोग कर हम वहां के वातावरण को देश भक्ति मय बना सकते है। यहां हम कुछ देश भक्ति से सम्बन्धित कुछ प्रभावी शायरियों को लिख रहे है जिन्हें आप अपनी आवश्यकतानुसार प्रयोग कर सकते हैं-

देश भक्ति शायरी (Desh Bhagti Shayari)

गूँजे कहीं पर शंख, कही पे अजाँ हैं,
बाइबिल है, ग्रन्थ साहब है, गीता का ज्ञान हैं,
दुनिया में कहीं और यह मंजर नसीब नही,
दिखाओ जमाने को यह हिन्दुस्तान हैं.

बस ये बात हवाओं को बताये रखना,
रौशनी होगी चिरागों को जलाए रखना,
लहू देकर भी जिसकी हिफाजत की शहीदों ने,
उस तिरंगे को सदा दिल में बसायें रखना.

कुछ नशा तिरंगे की आन का हैं,
कुछ नशा मातृभूमि की शान का हैं,
हम लहरायेंगे हर जगह ये तिरंगा,
नशा ये हिन्दुस्तान की शान का हैं.

तीन रंग का नही वस्त्र, ये ध्वज देश की शान है,
हर भारतीय के दिलो का स्वाभिमान है,
यही है गंगा, यही हैं हिमालय, यही हिन्द की जान है
और तीन रंगों में रंगा हुआ ये अपना हिन्दुस्तान हैं।

भारतमाता तुम्हें पुकारे आना ही होगा,
कर्ज अपने देश का चुकाना ही होगा,
दे करके कुर्बानी अपनी जान की,
तुम्हे मरना भी होगा मारना भी होगा।

मैं अपने देश का हरदम सम्मान करता हूँ,
यहाँ की मिट्टी का ही गुणगान करता हूँ,
मुझे डर नहीं है अपनी मौत से,
तिरंगा बने कफ़न मेरा, यही अरमान रखता हूँ।

मेरे मुल्क की हिफाज़त ही मेरा फ़र्ज है,
और मेरा मुल्क ही मेरी जान है,
इस पर कुर्बान है मेरा सब कुछ,
नही इससे बढ़कर मुझको अपनी जान है…

करीब मुल्क के आओ तो कोई बात बने,
बुझी मशाल को जलाओ तो कोई बात बने,
सूख गया है जो लहू शहीदों का,
उसमें अपना लहू मिलाओ तो कोई बात बने…

ये बात हवाओ को बताये रखना,
रोशनी होगी चिरागों को जलाये रखना,
लहू देकर जिसकी हिफाजत हमने की…
ऐसे तिरंगे को सदा दिल में बसाये रखना…

ना जियो धर्मं के नाम पर,
ना मरो धर्मं के नाम पर,
इंसानियत ही है धर्मं वतन का,
बस जियो वतन के नाम पर..

लिख रहा हूं मैं अजांम जिसका,
कल आगाज आयेगा,
मेरे लहू का हर एक कतरा,
इकंलाब लाऐगा,
मैं रहूँ या ना रहूँ,
पर ये वादा है तुमसे, मेरा,
कि मेरे बाद वतन पर मरने वालों का सैलाब आयेगा..

किसी को लगता हैं हिन्दू ख़तरे में हैं,
किसी को लगता मुसलमान ख़तरे में हैं,
धर्म का चश्मा उतार कर देखो यारों,
पता चलेगा हमारा हिंदुस्तान ख़तरे में हैं.

है नमन उनको कि जो यशकाय को अमरत्व देकर,
इस जगत में शौर्य की जीवित कहानी हो गये हैं,
है नमन उनको जिनके सामने बौना हिमालय,
जो धरा पर गिर पड़े पर आसमानी हो गये हैं.

कुछ पन्ने इतिहास के
मेरे मुल्क के सीने में शमशीर हो गऐ,
जो लड़े, जो मरे वो शहीद हो गऐ,
जो डरे, जो झुके वो वजीर हो गऐ.

देश भक्ति शायरी (Desh Bhagti Shayari)

चिंगारी आजादी की सुलगी मेरे जश्न में है,
इन्कलाब की ज्वालाएं लिपटी मेरे बदन में है,
मौत जहाँ जन्नत हो ये बात मेरे वतन में है,
कुर्बानी का जज्बा जिन्दा मेरे कफन में है..

कहते हैं अलविदा हम अब इस जहान को,
जा कर ख़ुदा के घर से अब आया न जाएगा,
हमने लगाई आग हैं जो इंकलाब की,
इस आग को किसी से बुझाया ना जाएगा..

खूब बहती हैं अमन की गंगा बहने दो,
मत फैलाओ देश में दंगा अमन—चैन रहने दो,
लाल हरे रंग में ना बाटो हमको,
मेरे छत पर एक तिरंगा रहने दो.

आन देश की शान देश की,
देश की हम संतान हैं,
तीन रंगों से रंगा तिरंगा,
अपनी ये पहचान हैं..

आओ झुककर सलाम करे उनको,
जिनके हिस्से में ये मुकाम आता है,
खुशनसीब होते हैं वो लोग,
जिनका लहू इस देश के काम आता है..

गीले चावल में शक्कर क्या गिरी,
तुम भिखारी खीर समझ बैठे,
चंद कुत्तो ने पाकिस्तान जिंदाबाद क्या बोला,
तुम कश्मीर को अपने बाप की ज़ागीर समझ बैठे.

लिपट कर बदन कई तिरंगे में आज भी आते हैं,
यूँ ही नहीं दोस्तों हम ये पर्व मनाते हैं.

ऐ पाक, तेरा ख़्वाब नजारा ही रहेगा,
तू क़िस्मत का मारा है मारा ही रहेगा,
तेरे हर सवाल का जबाब करारा ही रहेगा,
कश्मीर हमारा हैं और हमारा ही रहेगा.

शहीदों के त्याग को हम बदनाम नही होने देंगे,
भारत की इस आजादी की कभी शाम नही होने देंगे.

दाबोगे अगर और उभर आयेगा भारत,
हर वार पर कुछ और निखर जायेगा भारत
दस-बीस जाहिलों को ग़लतफ़हमी हुई है,
दो-चार धमाको से ही डर जायेगा भारत.

मैं मुल्क की हिफाजत करूँगा
ये मुल्क मेरी जान है
इसकी रक्षा के लिए
मेरा दिल और जां कुर्बान है

चाहता हूँ कोई नेक काम हो जाए,
मेरी हर साँस देश के नाम हो जाए,

भारत का वीर जवान हूँ मैं,
ना हिन्दू, ना मुसलमान हूँ मैं,
जख्मो से भरा सीना हैं मगर,
दुश्मन के लिए चट्टान हूँ मैं,
भारत का वीर जवान हूँ मैं.

चलो फिर से खुद को जगाते हैं,
अनुशासन का डंडा फिर घुमाते हैं,
सुनहरा रंग हैं गणतंत्र का,
शहीदों के लहूँ से,
ऐसे शहीदों को हम सर झुकाते हैं.

ना सरकार मेरी है ना रौब मेरा है,
ना बड़ा सा नाम मेरा है,
मुझे तो एक छोटी सी बात का गौरव है,
मै हिन्दुस्तान का हूँ और हिन्दुस्तान मेरा है,

दिलों की नफरत को निकालो,
वतन के इन दुश्मनों को मारो,
ये देश है खतरे में ए -मेरे -हमवतन,
भारत माँ के सम्मान को बचा लो!!

उनके हौसले का भुगतान क्या करेगा कोई,
उनकी शहादत का कर्ज देश पर उधार हैं,
आप और हम इसलिए खुशहाल हैं
क्योकि सीमा पे सैनिक शहादत को तैयार हैं..

आजादी की कभी शाम नही होने देंगे,
शहीदों की कुर्बानी बदनाम नही होने देंगे,
बची हो जो  की बूँद भी गर्म लहू की,
तब तक भारत का आंचल निलाम नही होने देंगे.

जब आँख खुले तो धरती हिन्दुस्तान की हो,
जब आँख बंद हो तो यादेँ हिन्दुस्तान की हो,
हम मर भी जाए तो कोई गम नही लेकिन,
मरते वक्त मिट्टी हिन्दुस्तान की हो।

इश्क तो करता है हर कोई,
महबूब पे तो मरता है हर कोई,
कभी वतन को महबूब बना के देखो,
तुझ पे मरेगा हर कोई..