Aims and Objectives of School Management Committee

Aims and Objectives of School Management Committee (विद्यालय प्रबन्धन समिति के उदेश्य)

Aims and Objectives of School Management Committee

  1. विद्यालय के क्रियाकलापों/कार्यकरण को माॅनिटर करना।
  2. विद्यालय के विकास के लिये विद्यालय विकास योजना का निर्माण/स्वीकृति एवं विकास कोष बनाना, जिससे विद्यालय के भवन, उपस्कर एवं अन्य शैक्षिक सुविधाओं से संबंधित विकास के कार्य किये जा सकेंगे।
  3. सम्बन्धित विद्यालय के लिये एक परिचालन कोष बनाना, जिससे राजकीय सहायता एवं अन्य माध्यमों से वेतन, आवश्यक परिचालन व मरम्मत व्यय वहन किया जा सके।
  4. विद्यालय में पढ रहे विद्यार्थियों के अभिभावकों/संरक्षकों, सामान्य जनता एवं अन्य दान दाताओं से आर्थिक सहायता/दान प्राप्त करना।
  5. विद्यालय भवन का विस्तर एवं अन्य सुविधाओं के लिये राज्य सरकार की जन सहभागिता आधारित योजनाओं से संस्था विकास कोष के योगदान के आधार पर विकास कार्य करवाना तथा इसी के साथ सक्षम सरकार स्थानीय प्राधीकारी/संस्थाओं/निकायों अथवा अन्य स्रोतों से प्राप्त सहायता/अनुदान के उपयोग पर निगरानी।
  6. माध्यमिक शिक्षा विकास के अन्तर्गत संचालित विभिन्न बाह्य सहायता प्राप्त परियोजनाओं, केन्द्र प्रवृतित कार्यक्रमों एवं केन्द्र सरकार तथा राज्य सरकार के वित्तीय सहयोग से संचालित योजनाओं/कार्यक्रमों आदि के अन्तर्गत विद्यालयों के विकास, भवन निर्माण, मरम्मत एवं रखरखाव, शिक्षण अधिगम सामग्री, शिक्षण अधिगम उपकरण, विद्यालय फैसिलिटी ग्रान्ट, अन्य ग्राण्ट्स आदि अन्य मदों के अन्तर्गत उपलब्ध कराई गयी राशियों/प्रावधानों से निर्माण/विकास कार्य करवाना एवं ग्राण्ट्स का राज्य सरकार/सर्वशिक्षा अभियान/राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान एवं अन्य प्राधिकृत संस्था द्वारा जारी दिशा-निर्देशों के अनुसार उपयोग सुनिश्चित करना।
  7. अन्य उदेश्य जिससें संस्था की परिसम्पत्तियों का बेहतर उपयोग एवं संस्था का बेहतर विकास हो सके।

विद्यालय प्रबन्धन समिति की सदस्यता

  1. सम्बन्धित विद्यालय में अध्ययनरत प्रत्येक विद्यार्थी/ बालक के माता-पिता या संरक्षक (माता पिता दोनों के जीवित न होने पर संरक्षक)
  2. सम्बन्धित विद्यालय का प्रत्येक अध्यापक/प्रबोधक।
  3. सम्बन्धित कार्य क्षेत्र में निवास करने वाले जिला प्रमुख/प्रधान/सरपंच/नगरपालिका अध्यक्ष।
  4. सम्बन्धित कार्य क्ष्ज्ञेत्र में निवास करने वाले जिला प्रमुख/प्रधान/सरपंच/नगरपालिका पार्षद/पंचायत समिति सदस्य/वार्ड पंच।
  5. समिति की कार्यकारीणी समिति में निर्वाचित/मनोनित शेष सदस्य जो उपरोक्त में शामिल न हो।

विद्यालय प्रबन्धन समिति की कार्यकारीणी समिति का गठन किस प्रकार किया जाना है, जानने के लिये यहां क्लिक करें।

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