Trending Posts

छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारियों के लिये अनुकंपा नियुक्ति नियम

Compassionate appointment rules for Chhattisgarh state employees (छत्तीसगढ़ राज्य कर्मचारियों के लिये अनुकंपा नियुक्ति नियम)

छत्तीसगढ़ शासन
सामान्य प्रशासन विभाग
मंत्रालय,
महानदी भवन, नया रायपुर

क्रमांक एफ 7-1/2012/1-3 नया रायपुर, दिनांक 14/06/2013

विषयः- सेवाकाल के दौरान शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर अनुकम्पा नियुक्ति बाबत एकजाई पुनरीक्षित निर्देश, 2013.

संदर्भ:- इस विभाग का परिपत्र क्रमांक एफ 7-4/2002/ 1-3, दिनाक 106.2003 एवं समय-समय पर जारी पूरक निर्देश संबंधी परिपत्र दिनांक 23.7.2003, 04.08.2003, 17.02.2004. 09.07.2004 06.04.2005, 20.09 2005, 19.12 2095, 02.02.2006, 0411 2006, 28.12.2006. 05.01 2007 27.08.2007. 06.07.2007, 21.9.2007, 19.112007, 22.11.2007. 12.02.200B. 24.04.2008, 23.09.2008, 31.01.2009, 27 05.2009, 29.08.2009, 02.07.2009 19.11.2009, 27.03.2010, 09.06.2010, 07.03.2011, 08.04.2011 एवं दिनाक 19.10.2011.

—XXX—-

सेवाकाल के दौरान शासकीय सेवक की मृत्यु हो जाने पर उसके आश्रित परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति देने के संबंध में इस विभाग के संदर्भित परिपत्र दिनाक 10.06.2003 द्वारा निर्देश एवं तत्पश्चात् समय-समय पर अन्य पूरक निर्देश जारी किए गए है राज्य शासन एतदद्वारा उपरोक्त संदर्भित समस्त परिपत्रों को निरस्त करते हुए अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में एकजाई पुनरीक्षित निर्देश निम्नानुसार जारी करता है –

अनुकम्पा नियुक्ति के संबंध में निर्देश –

1. निर्देशों की प्रभावशीलता :-ये निर्देश इस परिपत्र के जारी होने की तिथि से प्रभादशील होंगे।

2. निर्देशों का विस्तार और उनका लागू होना; – ये निर्देश राज्य के कार्यकलापों के संबंध में लोक सेवा और पदों पर नियुक्त किए गए समस्त व्यक्तियों को लागू होंगे।

3 दिवंगत शासकीय सेवक से तात्पर्य :- दिवंगत शासकीय सेवक से तात्पर्य ऐसे नियमित शासकीय सेवक से है, जो नियमित शासकीय सेवक के रूप में कार्यरत रहा हो अथवा आकस्मिक सेवा/कार्यमारित स्थापना का नियमित रूप से कार्यरत कर्मचारी रहा हो एवं सेवाकाल के दौरान जिसका असामयिक निधन / आत्महत्या द्वारा निधन हो गया हो।

4. अनुकम्पा नियुक्ति के लिए सक्षम प्राधिकारी: – अनुकम्पा नियुक्ति के लिए वही अधिकारी सक्षम प्राधिकारी होगा, जो सामान्य परिस्थितियों में यथास्थिति तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी, जैसा प्रकरण हो, के पदों पर नियुक्ति के लिए सक्षम हो ।

  1. अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्र उम्मीदवार: – दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परियार के निम्नलिखित वयस्फ सदस्यों में से किसी एक सदस्य को नीचे दर्शित कमानुसार अर्थात (क) के अस्वीकार करने पर या पात्र न होने पर (य) को एवं उसके पश्चात् इसी अनुकम में आगे (ग). (घ) एवं (उ.) की अनुकम्पा नियुक्ति हेतु कमशः विचार किया जायेगा –
    (क) दिवंगत शासकीय सेवक की विधवा/ विधुर,
    (ख) पुत्र/ दत्तक पुत्र,
    (ग) अविवाहित पुत्री/ अविवाहित दत्तक पुत्री,
    (घ) आश्रित विधया पुत्री/ दत्तक विधा पुत्री एवं,
    (ङ) आश्रित तलाकशुदा पुत्री / आश्रित तलाकशुदा दत्तक पुत्री आश्रित

6. अविवाहित शासकीय सेवक का निधन होने पर अनुकम्पा नियुक्ति: – ऐसे शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर, जो अविवाहित है (अथवा विधुर हैं और उसके कोई पुत्र / पुत्री नहीं है) तो ऐसे दिवंगत शासकीय सेवक के (माता,/पिता की अनुशंसा पर) भाई / अरविधाहित बहन को अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता होगी।

  1. अनुकम्पा नियुक्ति के पद :-

(1) किसी भी मामले में अनुकम्पा नियुक्ति केवल तृतीय श्रेणी के सीधी भरती के निम्नतम नियमित रिक्त पदों के विरुद्ध ही दी जाएगी यथा- सहायक ग्रेड-3 शिक्षाकर्मी, वार्ड व्याय, वनरक्षक, पटवारी, पंजीयक लिपिक आदि तथा चतुर्थ श्रेणी के पदों में भुत्य अरथवा उसके समकक्षीय पद। परन्तु, ऐसे कार्यपालिक पदों पर जिन पर नियुक्ति लोक सेवा आयोग की अनुशंसा पश्चात किए जाने की व्यवस्था है, अनुकम्पा नियुक्ति नहीं की जा सकेगी।

(2) कार्यभारित एवं आकस्मिकता वेतनमान के पदों पर नियमित रूप से कार्यरत शासकीय सेवक की मृत्यु होने पर नियुक्ति संबंधित स्थापना (कार्यभारित एवं आकस्मिकता वेतनमान) में उक्तानुसार पदों पर की जा सकेगी। खिलाड़ी कोटे के आरक्षित रिक्त पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति नहीं दी जाएगी।

(3) चतुर्थ श्रेणी के दिवगत कर्मचारी के परिवार के सदस्य को भरती नियन में निर्धारित शैक्षणिक अर्हता की मूर्ति करने पर तृतीय श्रेणी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति की पातता होगी।

8 अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पदों की गणना एवं पदों का सीमा बंधन –

(1) अनुकम्पा नियुक्ति सीधी भरती के तृतीय श्रेणी के पद पर संवर्ग में स्वीकृत कुल पदों के 10 प्रतिशरा से अधिक नहीं की जाएगी।

(2) तृतीय श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु 10 प्रतिशत का सीमा बंधन इस परिपत्र के जारी होने की तिथि से केवल एक बार के लिए 1 वर्ष के लिए शिथिल रहेगा ।

(3) अनुकम्पा नियुक्ति के उम्मीदवारों की नियुक्ति यथा आकस्मिकता निधि/ दैनिक वेतनभोगी /तदर्थ रूप से एवं सविदा पर नही की जाएगी।

(4) चतुर्थ श्रेणी के पदों पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पदों की संख्या का कोई सीमा बंधन (सीलिग नहीं होगा।

  1. अनुकम्पा नियुक्ति हेतु भरती प्रक्रिया में छुट :

(1) रोजगार कार्यालय के माध्यम से सीधी भरती को नियमित पद्धति से छूट रहेगी।
(2) सीधी भरली पर लागू प्रतिबंध से छूट रहेगी।

  1. अनुकम्पा नियुक्ति हेतु शैक्षणिक अर्हता में छुट/शिथिलीकरण :-

(1) चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु विधना / आश्रित किवया पुत्री / आश्रित तलाकशुदा पुत्री को नियमों में पद के लिए निर्धारित शैक्षणिक अर्हता में विभागाध्यक्ष द्वारा छूट दी जाएगी।

(2) विधवा एवं विधुर को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने पर उसे जन्त पद पर नियुक्ति हेतु विभागीय भरती नियम में निर्धारित शैक्षणिक अर्हता में कोई छूट प्राप्त नहीं होगी, किन्तु उसे अन्य अहंताओं जैसे-डाटा एट्री आपरेटर/प्रोग्रामिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा /प्रमाण-पत्र एवं कम्प्यूटर में 5000 की डिप्रेशन प्रतिघटा की गति से हिन्दी टाईपिंग से छूट रहेगी।

(3) विधदा एवं पिधुए के अलावा परिवार के किसी भी अन्य सदस्य को सहायक प्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु उसे उक्त पद हेतु विभागीय भर्ती नियन में निर्धारित शैक्षणिक अर्हता में कोई छूट प्राप्त नहीं होगी। उसे अन्य अर्हताओं जैसे डाटा एंट्ी आपरेटर/प्रोग्रामिंग में एक वर्षीय डिप्लोमा /प्रमाण-पत्र से छूट प्राप्त होंगो, परन्तु कम्प्यूटर में 5000 की- डिप्रेशन प्रतिष्ठा की गति से हिन्दी टाईपिंग संबंधी कौशल परीक्षा दो वर्ष की अवधि में उत्तीर्ण करनी होगी। इस संबंध में नियुक्ति के समय आवेदक को परिशिष्ट-तीन में निर्धारित प्रारूप में वचन-पत्र भरकर देना होगा। यदि ऐसा नहीं हुआ तो उक्त अवधि को नियुक्तिकर्ता अधिकारी की अनुमति से अतिरिक्त एक-एक वर्ष करके इसे दो बार बढ़ाया जा सकेगा। यदि 4 वर्ष में भी वह कर्मचारी कौशल परीक्षा उत्तीर्ण नहीं करता तो उसे वेतनवृद्धि मिलना राभी शुरू होगी जब वह उक्त परीक्षा उत्तीर्ण कर लेगा। संबंधित कर्मचारी की आयु 45 वर्ष होने पर उसे कौशल परीक्षा उत्तीर्ण करने से छूट प्रदान की जायेगी एवं 45 वर्ष की आयु पूर्ण करने के दिनांक से उनकी नियुक्ति नियमित की जायेगी।

(4) तृतीय श्रेणी सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त विधवा/विधुर / आश्रित पुत्र/आश्रित अविवाहित पुत्री/आश्रित विधवा पुत्री /आश्रित तलाकशुदा पुत्री को विभागीय भरती नियम में शैक्षणिक अर्हता के अतिरिक्त निर्धारित अन्य तकनीकी अहंता 02 टर्ष की अवधि में प्राप्त करना आवश्यक होगी, परन्तु 45 वर्ष की आयु प्राप्त होने पर उन्हें इससे छूट प्राप्त होगी।

परन्तु यदि नियमों में तृतीय श्रेणी के अनुकम्पा नियुक्ति के किसी अन्य पद के लिए किसी प्रकार के तकनीकी ज्ञान/ प्रशिक्षण आदि को प्राप्त करने की आवश्यकता हो तो उक्त पद पर अनुकम्पा नियुक्त व्यक्ति को तकनीकी ज्ञान/प्रशिक्षण आदि उपलब्ध कराने एवं आंतरिक मूल्याकन की व्यवस्था विभागीय तौर पर की जायेगी। यह व्यवस्था उन पदो के लिए लागू नहीं होगी, जिनमें नियुकिा हेतु किसी विधिक प्रावधान द्वारा कोई अहंता निर्धारित हो।

11. अनुकम्पा नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु सीमा में छूट / शिथिलीकरण :-

(1) दिवगत शासकीय सेवक की विधवा, विधुर, आश्रित विधवा पुत्री एवं आश्रित तलाक शुदा पुत्री के मामले में विभागीय भरती नियम में पद के लिए निर्धारित अधिकतम आयु सीमा संबंधी प्रावधान पूर्णतः शिथिल रहेंगे।

(2) आश्रित पुत्र/अविवाहित पुत्री की अनुकम्पा नियुक्ति के मामले में अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट प्राप्त होगी, लेकिन उन्हें मिलने वाली अन्य प्रकार की छूट को मिलाकर आयु सीमा 45 वर्ष से अधिक नहीं होगी।

12. नक्सली हिंसा में मृत अविवाहित शासकीय सेवक के मामले में अनुकम्पा नियुक्ति: –

(1) नक्सली हिंसा में मृत अविवाहित शासकीय सदक के भाई /बहन जो अविवाहित है, उन्हें शासकीय सेवा में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु विचार किया जा सकता है, बशर्ते उनके परिवार में और कोई कमाने वाला सदस्य न हो।

(2) नक्सली हिंसा में मृत शासकीय सेवक (चाहे पुलिस विभाग के हो अथवा अन्य विभाग के) के आश्रित परिवारजन की अनुकम्पा नियुक्ति के लिए 10 प्रतिशत की सीमा शिथिल रहेगी अर्थात 10 प्रतिशत की सीमा की शर्त लागू नही रहेगी।

13. नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस कर्मियों के मामले में अनुकम्पा नियुक्ति: –

(1) नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस कर्मी के परिवार में अन्य शासकीय सेवक के होते हुए भी, परिचार के किसी अन्य सदस्य को भी तृतीय श्रेणी के पद पर भरती नियमों में निर्धारित शैक्षणिक योग्यता की पूर्ति होने पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जायेगी।

(2) नक्सली हिंसा में शहीद पुलिस कर्मों के परिवार के किसी भी सदस्य को चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति हेतु शैक्षणिक योग्यता में छूट दी जायेगी।

 (3) नक्सली हिंसा में शहीद सहायक उप निरीक्षक या उससे उच्च स्तर के पुलिस कर्मियों के प्रकरण में उनके परिवार के किसी भी सदस्य (महिला या पुरूष) को विकल्प के आधार पर अनुकम्पा नियुक्ति दी जायेगी।

(4) यदि शहीद पुलिस की “अविवाहित अथवा विधुर है और उसके कोई पुत्र/पुत्री नही है, तो ऐसी स्थिति में शहीद पुलिस कर्मी के माता-पिता द्वारा प्राधिकृत अपने पुत्र / पुत्री को आरक्षक पद की पात्रतानुसार उपयुक्त पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान की जायेगी ।

14. असाधारण वीरता का परिचय देते हुए शहीद हुए प्रथग श्रेणी अधिकारियों के संबंध में:-

राज्य शासन के अधीन कार्यरत रहते हुए, देशहित में असाधारण वीरता का परिचय देते हुए शहीद होने वाले प्रथम श्रेणी अधिकारियों के परिवार के आश्रित सदस्य को उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर, द्वितीय श्रेणी के सीधी भरती के पद पर भी अनुकम्पा नियुक्ति हेतु प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर विचार किया जा सकेगा। इस हेतु प्रशासकीय विभाग द्वारा उनके विभाग में स्वीकृत द्वितीय श्रेणी के सीधी भरती के रिक्त पद को अनुकम्पा नियुक्ति के पद के रूप में चिन्हित किया जाएगा एवं उक्त पद को लोक सेवा आयोग की परिधि से बाहर करने हेतु आयोग की सहमति प्राप्त कर पद को अनुकम्पा नियुक्ति का पद घोषित करना होगा। प्रशासकीय विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु द्वितीय श्रेणी का रिक्त पद उपलब्ध न होने की दशा में अन्य विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति देने हेतु विचार किया जाएगा।

15. अनुकम्पा नियुक्ति की प्रक्रिया :-

(1) दिवंगत शासकीय सेवक के कार्यालय प्रमुख या नियुक्तिकर्ता अधिकारी द्वारा दिवगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार को अनुकम्पा नियुक्ति संबंधी जानकारी एवं निर्धारित आवेदन-पत्र का प्रारूप (परिशिष्ट-एक) एक माह की अवधि में उपलब्ध कराया जाएगा तथा ऐसी जानकारी कार्यालय के अभिलेख में सुरक्षित रखी जायेगी।

(2) अनुकम्पा नियुक्ति एवं आवेदन के प्रारूप संबंधी जानकारी आश्रित परिवार को प्राप्त होने के उपरान्त पात्र वयस्क सदस्य द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति हेतु निर्धारित प्रारूप में आवेदन-पत्र शीघ्रातिशीघ अधिकतम तीन माह के भीतर उत्त कार्यालय प्रमुख को प्रस्तुत किया जाएगा, जिस कार्यालय में दिवंगत शासकीय सेवक अपनी मृत्यु के पूर्व कार्यरत था। कार्यालय द्वारा आवेदन-पत्र की पावती आवेदक को दी जाएगी।

(3) आवेदन-पत्र में दी गई जानकारी के अनुसार आवेदक की अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्रता का परीक्षण कार्यालय द्वारा किया जाएगा। आवेदक की आयु की गणना आवेदन – पत्र प्रस्तुल करने की तिथि के आधार पर की जाएगी।

(4) परिवार में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए कोई पात्र व्यस्क सदस्य न होने पर संबंधित कार्यालय प्रमुख द्वारा तदाशय की सूचना विभागाध्यक्ष कार्यालय को अविलम्ब दी जाएगी एवं तद सम्बन्धी पत्र की प्रतिलिपि परिवार के मुखिया को दी जायेगी।

(5) आवेदन-पत्र में अपूर्ण जानकारी होने अथवा उसके साथ आवश्यक दस्तावेज संलग्न न होने के आधार पर कार्यालय द्वारा आवेदन प्राप्त करने से इंकार नहीं किया जायेगा, एवं आवेदक को पावती दी जाएगी। कार्यालय द्वारा आवेदन पत्र का नियमानुसार परीक्षण किया जाकर उसमें पाई गई कमियों से आवेदक को पंजीकृत पत्र द्वारा सूचित किया जाकर कमियों की पूर्ति करने हेतु समय-सीमा दी जाएगी निर्धारित समय-सीमा में आवेदक से जानकारी प्राप्त न होने पर उसे पुनः रजिस्टर्ड डाक से स्मरण कराया जायेगा। यदि आवेदक द्वारा कमियों की पूर्ति हेतु अतिरिक्त समय की मांग की जाए तो उसे अतिरिक्त समय दिया जाएगा।

(6) आवेदक यदि नियमानुसार अनुकम्पा नियुक्ति हेतु पात्र हो तो उसे यथाशीघ् अनुकम्पा नियुक्ति देने की कार्यवाही की जायेगी। इस संबंध में कार्यालय प्रमुख द्वारा निर्धारित परिशिष्ट-बार में प्रमाणीकरण किया जाकर अभिलेख संधारित किया जाएगा।

(7) अनुकम्पा नियुक्ति यथासम्भव उसी विभाग या कार्यालय में दी जावेगी, जिसमें दिवंगत शासकीय सेवक निधन के पूर्व कार्यरत था। कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु कोई रियत पद उपलब्ध न होने पर अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन पत्र नस्तीबद्ध नहीं किया जाएगा अपितु उसै प्रकियाधीन माना जाकर, आगामी कार्यवाही हेतु विभागाध्यक्ष कार्यालय को प्रेषित किया जाएगा।

(৪) यदि दिवंगत शासकीय सेवक की विधवा पत्नी द्वारा स्वयं की अनुकम्या नियुक्ति हेतु असहमति व्यक्त करते हुए उसके स्थान पर परिवार के अवयस्क सदस्य को वयस्क होने पर अनुकम्पा नियुक्ति देने की मांग की जाए, तो नियोक्ता द्वारा इस संबंध में विधवा पली से अंतरिम आवेदन-पत्र प्राप्त किया जायेगा तथा अवयस्क सदस्य के वयस्क होने पर उसे उसकी शैक्षणिक योग्यता के आधार पर तृतीय / चतुर्थ श्रेणी के पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने की कार्रवाई की जाएगी।

(9) विभागाध्यक्ष कार्यालय को अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन पत्र अग्रेषित होकर प्राप्त होने पर, विभागाध्यक्ष कार्यालय द्वारा उसके कार्यालय अथवा अधीनस्थ कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु रिक्त पद उपलब्ध होने के अनुसार अनुकम्पा नियुक्ति देने की कार्यवाही की जाएगी तथा आवेदक को अवगत कराया जायेगा। आवेदक द्वारा अनुकम्पा नियुक्ति हेतु असहमति व्यक्त किर जाने की दशा में परिस्थितियों पर समयक रूप से विचार किया जाकर यथोचित निर्णय लिया जायेगा।

(10) विभागाध्यक्ष अथवा उसके अधीनस्थ कार्यालयों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए रिक्त पद उपलब्ध न होने की स्थिति में, विभागाध्यक्ष तदाशय के प्रमाण-पत्र के साथ अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन-पत्र संबंधित जिला कलेक्टर को अनुकम्पा नियुक्ति देने की आगामी कारवाई हेतु अग्रेषित किया जायेगा एवं उसकी सूचना आवेदक को दी जाएगी।

(11) कलेक्टर कार्यालय में आवेदन-पत्र अग्रेषित होकर प्राप्त होने पर, जिला कलेक्टर द्वारा उसके जिले में उसके अधीनस्थ कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु रिक्त उपलब पद पर अनुकम्पा नियुक्ति प्रदान करने की कार्रवाई की जायेगी। जिले में किसी भी कार्यालय में अनुकम्पा नियुक्ति हेतु रिक्त पद उपलब्ध न होने पर जिल. कलेक्टर तदाशय के प्रमाण-पत्र के साथ आवेदक का अनुकम्पा नियुक्ति का आवेदन-पत्र दिवंगत शासकीय सेवक के प्रशासकीय विभाग के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग को प्रेवित करेगा एवं आवेदक को उसकी सूचना दी जाएगी।

(12) अनुकम्पा नियुक्ति के आवेदनों के निपटारे हेतु ऐसे आवेदकों की एक सूची संबंधित कार्यालय/विभागाध्यक्ष कार्यालय जिला कलेक्टर कार्यालय में संधारित की जाएगी। ऐसी सूची दिवंगत शासकीय सेवक की मृत्यु की तिथि के कमानुसार होंगी । जो शासकीय सेवक पहले दिवंगत हुआ हो, उसके आश्रित को पहले अनुकम्पा नियुक्ति दी जाएगो| (13) अनुकम्पा नियुक्ति का आदेश जारी करने के पूर्व कार्यालय प्रमुख द्वारा आवेदक से परिशिष्ट -दो में निर्धारित प्रारूप में दिवंगत शासकीय सेवक के परिवार के अन्य सदस्यों का समुचित भरण-पोषण करने के सबंध में घोषणा-पत्र भरवाकर प्राप्त किया जायेगा। घोषणा-पत्र का उल्लंघन करने के संबंध में परिवार के आश्रित सदस्य/सदस्यों द्वारा की गई शिकायत प्रमाणित पाई जाने पर अनुकम्पा नियुक्ति किसी भी समय समाप्त की जा सकेगी।

16. अनुकम्पा नियुक्ति के लिए समय सीमा :- सामान्य परिस्थितियों में अनुकम्पा नियुक्ति के लिए अधिकतम अवधि 03 वर्ष होगी तथा विशेष परिस्थितियों में यह अवधि 05 वर्ष होगी लेकिन, इसके लिए औचित्य एवं कारण दर्शाते हुए प्रशासकीय विभाग के माध्यम से सामान्य प्रशासन विभाग की अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होगी।

17. दैनिक वेतन भोगी/सीधी भरती से संविदा पर नियुक्त दिवंगत कर्मचारी के संबंध में :- दैनिक वेतन भोगी/सीधी भरती से संविदा पर नियुक्त कर्मचारी के दिवंगत होने पर उसके आश्रित परिवार के सदस्य को अनुकम्पा नियुक्ति की पात्रता नहीं होगी।

परन्तु दिवंगत दैनिक वेतन भागी/ सीधी भरती से संविदा पर नियुक्त कर्मचारी (सेवानिवृत्त कर्मचारियों को छोड़कर) को निस्तर 02 वर्ष की सेवा पूर्ण हो चुकी हो, तो उसके आश्रित परिवार के नामांकित सदस्य को एकमुश्त राशि एक लाख रूपये “अनुकम्पा अनुदान” के रूप में दी जायेगी।

18. अनुकम्पा नियुक्ति हेतु परिवार की अन्य स्त्रोतों से आय के संबंध में सीमाः अनुकम्पा नियुक्ति के मामले में दिवंगत शासकीय सेवक के आश्रित परिवार की अन्य स्त्रोतो से वार्षिक आय के संबंध में कोई सीमा बंधन नहीं होगा।

19. अनुकम्पा नियुक्ति आदेश में शर्तों का उल्लेख करना: – अनुकम्पा नियुक्ति हेतु नियमानुसार पात्र उम्मीदवार के नियुक्ति आदेश में आवश्यक सभी शर्तो जैसे स्वास्थ्य परीक्षण प्रमाण-पत्र, पुलिस वेरीफिकेशन आदि का उल्लेख किया जाए ।

  1. अनुकम्पा नियुक्ति प्राप्त होने पर उपबंध –

(1) आवेदक को एक बार अनुकम्पा नियुक्ति दिए जाने के पश्चात् उसके द्वारा किसी अन्य पद पर अनुकम्पा नियुक्ति देने अथवा पद परिवर्तन करने की मांग स्वीकार नहीं की जाएगी।
(2) आश्रित परिवार के किसी सदस्य को दी गई अनुकम्पा नियुक्ति, परिवार के किसी अन्य सदस्य को हस्तांतरित नहीं होगी।
(3) विधवा को अनुकम्पा नियुक्ति उपरान्त पुनर्विवाह की छूट रहेगी।

  1. निर्वचन संबंधी कठिनाइयों का निराकरण :- उक्त निर्देशों को प्रभावशील करने में कोई कठिनाई उद्भूत होने पर उसे राज्य शासन के सामान्य प्रशासन विभाग को निर्दिष्ट किया
    जाएगा, जिस पर सामान्य प्रशासन विभाग का विनिश्चय अन्तिम एवं मान्य होगा।

संलग्न:- परिशिष्ट-एक, दो, तीन एवं चार।
छत्तीसगढ़ के राज्यपाल के नाम से तथा आदेशानुसार,

सचिव
छत्तीसगढ़ शासन
सामान्य प्रशासन विभाग

-Download-

Application Form for Compassionate appointment for Chhattisgarh state employees

परिशिष्ट-एक, दो, तीन एवं चार